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शहीद बीएसएफ़ के जवान लोकेन्द्र को छह माह के दुधमुंहे बेटे ने दी मुखाग्नि

राजस्थान में सीकर जिले के नाथुसर गाँव में माहौल उस समय रौंगटे खड़े कर देने वाला हो गया जब नक्सली हमले में शहीद हुए बीएसएफ़ के जवान लोकेन्द्र सिंह को उनके छह माह के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी। पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’, जब तक सूरज चांद रहेगा, लोकेंद्र सिंह तेरा नाम रहेगा के नारों से गूंज रहा था। अंतिम विदाई में मौजूद हर किसी की आंखें डबडबा गईं। अंतिम संस्कार के वक्त 6 माह के मासूम दक्ष प्रताप के हाथ में दूध की बोतल की बजाए तिरंगा देखकर सभी भावुक हो गए।

शहीद जवान लोकेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार उनके गांव अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर गांव और आसपास के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। लोकेंद की अंतिम यात्रा के दौरान उनकी एक झलक पाने के लिए लोग लोग बेताब दिखे। श्मशान स्थल पर इतने ज्यादा लोग पहुंच गए कि वह छोड़ पड़ गया। आपको बता दें कि 15 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कांकेर में जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी जिसमें सीकर के लोकेंद्र सिंह और पंजाब के मुख्तियार सिंह शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में एक जवान घायल भी हुआ था।

नाथुसर गाँव के रहने वाले शहीद लोकेंद्र सिंह मई 2011 में बीएसएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ के नक्सली क्षेत्र में बीएसफ की 175वीं बटालियन में तैनात थे। लोकेंद्र की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। उन्हें 6 माह का एक बेटा दक्ष प्रताप है जिसने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी।

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