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अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी में मना अंबेडकर जयंती

गाज़ियाबाद। केशव शाखा द्वारा अजनारा इंटीग्रिटी सोसाइटी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान “मां भारती की स्वर्णिम माटी हमें है चंदन, माटी हमारी पूजा माटी हमारा वंदन” गीत केशव शाखा कार्यवाह विहिप गौरक्षा के महामंत्री नितिन त्यागी द्वारा प्रस्तुत किया गया। एकल गीत “नई सृष्टि के नये विधाता” विनोद गर्ग ने प्रस्तुत किया।

इस मौके पर नितिन त्यागी ने सभी अधिकारियों को बताया कि डाक्टर भीमराव अंबेडकर ने संविधान की रचना में किस प्रकार सहयोग किया‌। बौद्धिक प्रशिक्षण प्रमुख अतुल प्रकाश भटनागर ने विस्तार से डाक्टर अंबेडकर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्य प्रदेश में रामजी और भीमाबाई सकपाल अंबेडकर के यहां 14 वीं सन्तान के रुप में हुआ।

उन्होंने बताया कि अंबेडकर जन्म से मेधावी छात्र थे। उन्होंने मैट्रीक परीक्षा सन 1906 में बम्बई से पास की।अपनी पढ़ाई पूरी करने वह अमेरिका तथा लंदन भी गए। लंदन से उन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की। उसके बाद भारत के कानून मंत्री का दायित्व संभाला। अंबेडकर आजीवन दलित समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास करते रहे।

आज भी समाज उनके द्वारा किए गए कार्यों का स्मरण करता है। उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे। इनके सार्थक प्रयास से भारतीय संविधान 2 वर्ष 11 मास 18 दिन में लिखा गया था। 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। 1990 में उनको अतुलनीय सेवाओं के लिए भारत रत्न से नवाजा गया। 6 दिसम्बर 1956 को अपनी जीवन यात्रा पूरी करने के बाद परमसत्ता में विलीन हो गए। इस कार्यक्रम में राजकिरण चौधरी, रामगोपाल, योगेंद्र, सुनील मावी, प्रमोद चौधरी आदि लोग उपस्थित रहें।

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