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10वीं क्लास में चार सब्जेक्ट में फेल हुआ बेटा, बच्चे को डिप्रेशन से बचाने के लिए परिजनों ने आतिशबाजी कर बांटी मिठाइयाँ

सागर। एग्जाम में फेल होने के बाद कई बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं। एक पिता ने अपने बेटे को डिप्रेशन और आत्महत्या करने से बचाने के लिए एक बेहतर तरीका निकला।  सोमवार को एमपी बोर्ड कक्षा-10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल भी हुए। इन सबके बीच सागर में एक परिवार ने अपने बेटे के कक्षा-10वीं में फेल होने पर जुलूस निकालकर जश्न मनाया। आतिशबाजी की और मिठाई भी बांटी। सरस्वती शिशु मंदिर शिवाजी वार्ड में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं का छात्र आशु व्यास 6 में से 4 विषयों में फेल हो गया। इस पर आशु के पिता सुरेंद्र कुमार व्यास ने गुस्सा होने की बजाय शाम के समय जुलूस निकलवा दिया।

उन्होंने बताया कि मेरा बेटा कोई गलत कदम न उठा ले, इसलिए ऐसा किया। मेरी तरह सभी माता-पिता को समझाना चाहिए कि बेटा पढ़ो और अच्छे नंबर लेकर आओ। छात्र आशु का कहना है कि मैं मंगलवार को ही रुक जाना नहीं योजना का फॉर्म भरकर शेष 4 विषयों की पढ़ाई मन लगाकर करुंगा और 10वीं पास भी करुंगा। माशिमं की बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने पर प्रदेश में 6 छात्र-छात्राओं ने खुदकुशी कर ली। सीहोर जिले के टीकामोढ़ गांव की कक्षा दसवीं की छात्रा किरण कोरकू (16) ने अंग्रेजी व गणित विषय में पूरक आने पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके अलावा अमलाहा निवासी कक्षा 10वीं की छात्रा नेहा चौहान ने फेल होने पर घर में पंखे की राड पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली।

भिंड के कीरतपुरा निवासी नकुल सिंह भदौरिया की 20 साल की बेटी स्वाति भदौरिया ने इस बार 12 वीं की परीक्षा दी थी। वह फेल हो गई। उसने जहर खा लिया। जिला अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। भिंड निवासी धीरेंद्र सिंह राजावत की 17 वर्षीय बेटी अनुराधा ने भी दसवीं में फेल होने पर जहर खा लिया। उसकी मौत हो गई। खिदरापुरा गांव के सतेंद्र वर्मा ने हाईस्कूल में फेल होने पर जहरीली गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसका भिंड में भर्ती कराया गया है।