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पीड़ित महिला को 24 घंटे तक थाने में रखा, दुष्कर्म के आरोपितों को भी छोड़ दिया

गाज़ियाबाद। विजयनगर थाना इलाके से एक महिला को कार में अगवा कर उससे तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया और फिर हाइवे किनारे फेंक दिया गया। घटना 14 मई की रात की है, जिसकी शिकायत पीड़िता ने पहले थाना पुलिस, फिर आशा ज्योति केंद्र और फिर एसएसपी से की है। पीड़िता का आरोप है कि विजयनगर थाना पुलिस ने 24 घंटे तक उन्हें थाने में रखा और आरोपितों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया गया। एसएसपी ने सीओ प्रथम मनीषा सिंह को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।

मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली महिला ने बताया कि उनकी शादी साहिबाबाद थाना इलाके में रहने वाले एक युवक से हुई है। पति लंबे समय से सऊदी अरब में रहते हैं। महिला ने विजयनगर में एक प्लॉट यहीं के रहने वाले युवक से 16 लाख रुपये में खरीदा था। आरोप है कि विक्रेता द्वारा अतिरिक्त पांच लाख रुपये की मांग की गई, जिसके लिए उन्होंने इन्कार कर दिया। 14 मई को वह अपने प्लॉट पर थीं। आरोप है कि इसी दौरान एक कार आई और उन्हें कार में खींच लिया गया। महिला का आरोप है कि कार में प्लॉट बेचने वाला युवक ही बैठा था, जिसने एनएच-24 के किनारे उससे तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। इसके बाद उनके हाथ पैर बांधकर हाइवे किनारे छोड़ दिया। एक ट्रक चालक वहां रुका तो पीड़िता ने शोर मचाया। चालक उन्हें बंधनमुक्त करा डासना चौकी ले गए, जहां से उन्हें विजयनगर थाने भेज दिया गया।

पीड़िता ने विजयनगर थाने में तहरीर लिखकर दी, लेकिन पुलिस ने उनका मेडिकल नहीं कराया। आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी सुनने के बजाए उन्हें झूठा करार दे दिया। उनसे कहा गया कि जिस पर आरोप लगा रही हो वह 50 साल का है, कैसे दुष्कर्म कर सकता है। आरोप यह भी है कि पुलिस ने 24 घंटे तक उन्हें थाने के एक कमरे में बंद रखा और मेडिकल भी नहीं कराया। आरोपित को पुलिस पकड़कर थाने में लाई, लेकिन उन्हें दूसरे दिन छोड़ दिया गया, जिसके बाद से आरोपित उन्हें धमका रहे हैं।पीड़िता ने बताया कि 15 मई को उन्हें थाने से छोड़ा गया और एक जानकार की मदद से 16 मई को आशा ज्योति केंद्र पहुंची। यहां की टीम उन्हें गाड़ी में लेकर थाने पहुंची, लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने से इन्कार कर दिया गया। इसके बाद केंद्र की टीम ने उन्हें वापस केंद्र पर लाकर छोड़ दिया। पीड़िता का आरोप है कि वह शाम तक केंद्र के बाहर बैठी गुहार लगाती रहीं कि 72 घंटे बाद उनका मेडिकल भी नहीं होगा, लेकिन केंद्र पर उसके बाद उनकी सुनवाई नहीं की गई। वहीं आशा ज्योति केंद्र की प्रबंधक निधि मलिक का कहना है कि दुष्कर्म के मामले में मेडिकल की बाध्यता अब नहीं है। थाना पुलिस द्वारा इन्कार करने के बाद पीड़िता को अगले दिन बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आईं। विजयनगर एसएचओ के लाइन हाजिर होने के चलते एसएसपी से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीड़िता और आरोपित के बीच लेन-देन का मामला है। हालांकि उसके द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। थाना पुलिस को तुरंत मेडिकल कराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सीओ प्रथम से इस मामले की छानबीन कर रिपोर्ट मांगी गई है।