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निपाह वायरस के खतरे से केरल जाने वाले पर्यटक हुए कम

इंदौर। केरल सरकार द्वारा निपाह वायरस के प्रकोप के कारण प्रभावित क्षेत्रों में पर्यटकों को आने से मना करने का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद इंदौर से हर साल केरल जाने वाले लोगों की संख्या पिछले 10 दिनों में कम हुई है। जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कराई है वह भी स्थिति को देखते हुए एजेंसी पर जानकारी जुटा रहे हैं।

केरल के चार जिलों कोझिकोड, मल्लपुरम, वायनाड व कन्नर में निपाह वायरस फैलने व उससे हुई मौतों के बाद इन जिलों में ना जाने के लिए आदेश जारी हुआ है। प्रदेश में भी बुधवार को सरकार ने अलर्ट जारी कर सावधानी रखने की सलाह दी है। गोवा सरकार द्वारा इंदौर से चलने वाली कोच्चिवेली एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों की गोवा रेलवे स्टेशन पर जांच की जा रही है। इंदौर शहर में भी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र कि यात्रा कर आने वाले व्यक्तियों से दूरी बनाने का आदेश दिया है। जो व्यक्ति वहां से आ रहे हैं उनके बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी है। पिछले एक सप्ताह में पूरे शहर की ट्रेवल्स एजेंसियों के माध्यम से लगभग 40 बुकिंग ही हो पाई हैं।

60 फीसदी केरलवासी शहर के बाहर

केरला समाजम के प्रवक्ता एलेक्स ने बताया कि पूरे शहर में इस समय 25 हजार केरल के लोग निवास कर रहे हैं। इनमें प्राइवेट अस्पतालों में केरल से आने वाला नर्सिंग स्टॉफ भी शामिल है। संभाग में यह संख्या 40 हजार के लगभग है। इनमें से 60 फीसदी लोग छुट्टियों में अपने घर गए हुए हैं। जो केरल के ही अलग-अलग जिलों के हैं। केरल के प्रभावित चार जिलों में कोई व्यक्ति नहीं गया है। उन्होंने बताया कि जून के पहले व दूसरे सप्ताह में सभी लौटेंगे। यहां से गए लोगों में से किसी के भी बीमार होने की जानकारी अभी तक नहीं है। सभी सुरक्षित हैं।

प्रभावित क्षेत्र से आने वाले लोगों से बनाएं दूरी

सीएमएचओ डा़ॅ. एचएन नायक ने केरल के प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों से दूरी बनाने व उनमें से किसी के बीमार होने पर तुरंत इलाज का आदेश दिया है। उन्होंने शहर के सरकारी व निजी चिकित्सकों, क्लीनिक संचालकों, नर्सिंग होम संचालकों को निपाह वायरस के लक्षणों को ध्यान में रखते हुए उपचार व तुरंत सूचना देने का आदेश दिया है। बीमारी के लक्षण बुखार, श्वास चलना, आज्टर्ड सेंसोरियम होने के साथ ही 21 दिनों में प्रभावित क्षेत्र की यात्रा कर आने व इसके बाद मस्तिष्क ज्वर या अन्य इंफेक्शन होने पर जांच की बात कही है।

इस तरह करें बचाव

सूअर के मांस का सेवन ना करें व सेवन करने वालों से संपर्क ना रखें। वे फल जिन्हें पक्षी ने काट लिया हो उसका सेवन ना करें। चमगादड़ के संपर्क में आने वाले या पेड़ से गिरे फलों का सेवन ना करें। प्रभावित क्षेत्र से आए व्यक्ति से दूरी रखें।सफाई रखें और घर का ताजा बना भोजन ही खाए।

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