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सीमा पर घुसपैठ की एक और कोशिश नाकाम, सेना ने मर गिराया एक आतंकवादी को

श्रीनगर | रमज़ान के पाक महीने में भी पाकिस्तानी सेना की नापाक हरकतें जारी हैं और सीमा पार से लगातार मुस्लिम आतंकवादी भारत में भेजे जा रहे हैं। मगर जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सतर्क भारतीय जवानों ने रविवार को घुसपैठ की एक और कोशिश को नाकाम करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में उस्ताद पोस्ट के करीब सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधियां देखी और घुसपैठ करने वालों को ललकारा। सूत्र ने कहा, जब चुनौती दी गई तब आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया।

आपको बता दें कि भारतीय सेना ने पिछले महीने पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के तंगधार क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पांच आतंकवादियों को मार गिराया था, जिसमें से दो की पहचान स्थानीय लोगों के रूप में हुई है। एक आतंकी की पहचान पुलवामा के लाजुरा निवासी शिराज अहमद के रूप में हुई और दूसरे की शिनाख्त कुलगाम जिले के परिगम गांव निवासी मुदासिर अहमद के रूप में हुई। शिराज सितंबर 2017 से और मुदासिर जुलाई 2016 से लापता था। उनके परिवारों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें प्रसारित होने के बाद रविवार को उनकी शिनाख्त की। सेना ने कहा कि पांच आतंकवादी 25 मई को नियंत्रण रेखा (एलओसी) से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे, तभी सैनिकों ने उन्हें मार गिराया था।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में लगातार सीमा पार से संघर्षविराम उल्लंघन के बीच केंद्र सरकार ने अब दो टूक कहा है कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो रमजान में संषर्घ विराम समझौते को तोड़ने के लिए हम विवश होंगे। केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि हमने रमजान को देखते हुए अभियान रोकने का फैसला किया था। हालांकि, सीमा पार से आतंकवाद और पाकिस्तान की तरफ से संघर्षविराम उल्लंघन में कोई कमी नहीं आई है। हम संघर्ष विराम समझौता वापस लेने के लिए मजबूर होंगे।

अहीर ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम की शर्तों के तहत पलटवार करने का पूरा अधिकार है। हालांकि अहीर ने कहा कि भारत अभी भी पहले हमला नहीं करने की नीति पर कायम है। सरकार ने 16 मई को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को निर्देश दिया था कि वह रमजान के पवित्र महीने के दौरान संघर्षविराम का पालन करे। हालांकि, निर्दोष लोगों के जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर प्रतिशोध करने का सुरक्षा बलों का अधिकार सुरक्षित है।
उधर, सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक राम अवतार ने भी रविवार को दो टूक कहा कि पाकिस्तानी बलों की ओर से भारतीय चौकियों पर ताजा हमला एक बार फिर साबित करता है कि इस्लामाबाद कहता कुछ और है और करता कुछ और है। बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्षविराम उल्लंघन में बीएसएफ के दो जवान फिर शहीद हो गए जबकि इसमें 13 अन्य लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी गोलीबारी में रविवार को शहीद हुए बीएसएफ के दो जवानों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम से इतर वह संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच लगभग एक हफ्ते पहले ही इस बात पर सहमति बनी थी कि 2003 के संघर्षविराम समझौते को अक्षरश: लागू किया जाएगा, लेकिन पाकिस्तान ने इसके बावजूद संघर्षविराम का उल्लंघन किया।

हमारा मत

  • कश्मीर में भारतीय सेना को केंद्र सरकार की राजनैतिक मजबूरियों के चलते संघर्ष विराम करने पर विवश होना पड़ा है जिससे सैनिकों का मनोबल टूटा है।
  • केंद्र सरकार को चाहिए कि अपने राजनैतिक भविष्य की चिंता न करते हुए वह कश्मीर में सेना को उसकी सुविधा के अनुसार काम करने की आज़ादी दे। यदि भारतीय सैनिक कोई गलत गतिविधि करते हैं तो सरकार के पास एक्शन लेने का अधिकार हमेशा से है और रहेगा।

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