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अब सीट फुल होने का बहाना नहीं बना सकेंगे निजी स्कूल

गाज़ियाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएगा। जनपद के कई स्कूल सीट फुल होने का बहाना बनाकर आरटीई के तहत दाखिले नहीं ले रहे थे। इन सभी स्कूलों की जांच शिक्षा विभाग अगले महीने से शुरू कर देगा। इसमें स्कूलों का ब्यौरा निकालकर देखा जाएगा कि किस अनुपात में छात्रों को दाखिला दिया गया है।

स्कूलों ने बेसिक शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्रों में लिखा है कि हमारे यहां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आरक्षित सीटों पर दाखिले पूरे हैं। लेकिन, विभाग की तरफ से उन स्कूलों में ही दाखिले के लिए पत्र भेजे जाते हैं, जिनमें सीट खाली होती हैं। अभिभावकों ने शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है कि गरीब बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर स्कूल मोटी फीस के लिए पात्र छात्रों को दाखिला न देकर अन्य छात्रों को दाखिला दे रहे हैं।

इस फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए ही शिक्षा विभाग सीट फूल होने का पत्र भेजने वाले सभी स्कूलों की जांच करेगा। जांच में यह देखा जाएगा कि किस स्कूल में कितनी सीटों पर आरटीई के तहत छात्र पढ़ रहे हैं। प्रत्येक स्कूलों में अपने-अपने ब्लॉक के हिसाब से खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों की जांच करेंगे। बीओ मुख्यालय पवन भाटी ने बताया की सभी स्कूलों में 25-25 छात्र आरटीई के तहत पढ़ने वाले होने चाहिए। जांच के बाद हर स्कूल को पांच दिन के अंदर दाखिले करने होंगे। इसके बाद स्कूलों का औचक निरीक्षण कर यह पता लगाया जाएगा कि गरीब बच्चों के दाखिले किए गए या नहीं। झूठ पकड़े जाने पर स्कूल प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ये है नियम

आरटीई के तहत हर निजी स्कूल को 25 फीसदी सीट पर गरीब बच्चों के दाखिले करने का नियम है, लेकिन अधिकांश स्कूल नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इन स्कूलों का कहना है कि आरटीई के तहत आरक्षित सीटें फूल हो गई हैं।

एक नजर में

549 छात्रों के दाखिले होने थे पहले चरण में

04 स्कूलों ने शिक्षा विभाग में दिया है सीट भरी होने का पत्र

25 फीसदी सीट पर गरीब बच्चों के दाखिले करने का नियम है

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