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दायरे से ज्यादा निस्तारण व वसूली में तेजी लायें अधिकारी : मंडलायुक्त

मेरठ। मंगलवार को आयुक्त सभागार में मण्डलीय राजस्व व कर करेत्तर वसूली की समीक्षा बैठक की गई। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने राजस्व एवं कर करेत्तर वसूली के लिए कार्य योजना बनाकर जिम्मेदारी तय करते हुए उसकी रूप रेखा 20 जून तक उपलब्ध कराने व वसूली में तेजी लाने, राजस्व से सम्बंधित अधिनियमों व आईजीआरएस पर अधिकारियों, कर्मचारियों का कार्यशाला आयोजित करने, दायरे से ज्यादा निस्तारण हो सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

आयुक्त ने जिलाधिकारियों को राजस्व व विकास आदि की बैठकों से सम्बंधित जानकारियां प्रत्येक माह की 7 तारीख तक उपलब्घ कराने के लिए निर्देशित किया। आयुक्त ने अधिकारियों से पूछा कि स्टाम्प एवं पंजीकरण में कितने बिल्डर्स को नोटिस दिया गया। उन्होंने भू-राजस्व राजस्व संहिता, जमीदारी विनाश अधिनियम, व आईजीआरएस पर अधिकारियों एवं सम्बंधित कर्मचारियों का वर्कशॉप आयोजित करने के लिए निर्देशित किया।

आयुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियो को लाईन लॉस को कम करने के लिए कहा तथा कहा कि इससे राजस्व की हानि होती है। उन्होंने वसूली प्रमाण पत्रों का मिलान आवश्यक रूप से करने व जीएसटी के दायरे में जो व्यापारी आते है उनका पंजीकरण कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विद्युत देय, बैक देय व वाणिज्य कर की आरसी की समीक्षा कर वसूली करने के लिए निर्देशित किया।

आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी वित्त मेरठ को भावनपुर क्षेत्र में आ रही खनन की शिकायतों को गम्भीरता पूर्वक लेते हुए बैठक के बाद निरीक्षण कर आख्या उपलब्घ कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होने स्टाम्प देय वसूली के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एडीएम वित्त को तहसीलदारों के साथ समीक्षा कर 10 लाख रूपये से ज्यादा के प्रमाण पत्रों की नियमित समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया।

आयुक्त ने बताया कि आईजीआरएस में मण्डल को पांचवी रैंक प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि आईजीआरएस के 103 डिफाल्टर सन्दर्भ सम्बंधित जिलाधिकारियों को निस्तारण हेतु भेजे गये है जिसमें मुख्यमंत्री सन्दर्भ के 7 प्रकरण व ऑनलाइन सन्दर्भ के 96 प्रकरण है। वाणिज्यकर अधिकारी ने बताया कि 30 मई से 14 जून तक वाणिज्यकर विभाग द्वारा रिफण्ड पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है जिसमें 128 मामलों में 14.27 करोड़ रूपये रिफण्ड किये गये है। आबकारी अधिकारी ने बाताया कि मण्डल में 1866 दुकानों का आवंटन किया गया है तथा शेष 341 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया 19 जून तक पूर्ण की जाएगी।

जेडीसी एबी मिश्रा ने बताया कि 31 मई 2018 तक मण्डल में भूराजस्व प्राप्तियों के 15 प्रतिशत क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष 28.30 प्रतिशत प्राप्ति हुई है जिसमें मेरठ को छोड़कर शेष सभी जनपदों का प्रतिशत औसत से काफी कम है। स्टाम्प एवं पंजीकरण में क्रमिक लक्ष्य 15 प्रतिशत के सापेक्ष मण्डल में 13.02 प्रतिशत प्राप्ति र्हुइ  है जिसमें गाजियाबाद को छोड़ शेष सभी का प्रतिशत औसत से कम है। राज्य आबकारी शुल्क में क्रमिक लक्ष्य 15 प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्धि 9.88 प्रतिशत है।

वाहनकर, माल तथा यात्रिकर में क्रमिक लक्ष्य 13 प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्धि 15.26 प्रतिशत है। वानिकी एवं वन्य जीव में क्रमिक लक्ष्य 15 प्रतिशत के सापेक्ष सापेक्ष उपलब्धि 12.26 प्रतिशत है। अलौह खनन एवं धातु क्रम मे 15 प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्धि 9.81 है। स्टाम्प देय में 15 प्रतिशत के सापेक्ष 2.52, वाहन कर में 15 प्रतिशत के सापेक्ष 3.23, विद्युत देय में 15 प्रतिशत के सापेक्ष 3.66, मनोरंजन कर में 15 प्रतिशत के सापेक्ष 0.99 प्रतिशत, बैक देय में 15 प्रतिशत के सापेक्ष 6.47 है।

उन्होंने बताया कि राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के अन्तर्गत 01 वर्ष से पुराने 532 मामले मण्डल में लम्बित है। भूराजस्व अधिनियमें 05 वर्ष से पुराने 24 मामले मण्डल में लम्बित है वहीं जमीदारी विनाश अधिनियम में 05 वर्ष से पुराने 160 मामले मण्डल में लम्बित है। आयुक्त ने सभी के प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिये है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी हापुड़ अदिति सिंह, गौतमबुद्धनगर बीएन सिंह, बागपत ऋषिरने द्र कुमार, बुलन्दशहर अनुज झा, गाजियाबाद रितु माहेश्वरी, एडीएम प्रशासन मेरठ रामचन्द्र, वित्त आनन्द कुमार, मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा, आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

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