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शर्मनाक – नशे में धुत पूर्व सपा विधायक के रिश्तेदारों ने पीटा महिला कॉन्स्टेबल व उसके भाई को

कानपुर | भले ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई हो मगर उसके विधायकों की दबंगई खत्म होने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। कानपुर में नशे में धुत समाजवादी पार्टी के एक पूर्व विधायक के रिश्तेदार ने महिला कॉन्स्टेबल और उसके भाई को जमकर पीटा। महिला कांस्टेबल ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। पूर्व सपा विधायक सतीश निगम अपनी बदमाशी की हनक दिखते हुए अपने रिश्तेदार को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गए और अब महिला कांस्टेबल पर समझौते का दबाव बनाते रहे। पुलिस का रवैया देख कर महिला कांस्टेबल कहा, जिस विभाग में नौकरी कर रही हूं, उसी विभाग से न्याय नहीं मिला तो मैं नौकरी से इस्तीफा दे दूंगी। सीओ गोविन्द नगर भी सपा विधायक से इतने डरे हुए हैं कि मामले में कुछ भी बोलने में घबरा रहे हैं, वो अपने बयान में सिर्फ इतना ही कह रहे हैं कि एक लेडी और उसके भाई के साथ मार पीट हुई है।

झांसी के प्रेम नगर थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात भावना सोनकर छुट्टी पर अपने घर आयी थी। भावना कार से भाई सौरभ सोनकर के साथ श्याम नगर स्थित घर जा रही थी, तभी नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित बीते शनिवार देर को श्याम नगर के पास उनकी कार के सामने नशेबाज युवकों की कार आ कर बंद हो गयी। इस बात पर महिला कांस्टेबल के भाई और कार सवार युवकों में बहस शुरू हो गयी बहस के बाद कार से उतरे अजीत निगम और पुष्पेन्द्र सिंह ने सौरभ को पीटना शुरू कर दिया। भाई को बचाने आई महिला कांस्टेबल को युवकों ने नहीं छोड़ा और बीच सड़क में उसकी भी पिटाई कर दी। नशेबाज युवकों ने महिला कांस्टेबल के साथ छेड़छाड़ भी की और उसके हाथ में दांत से काट लिया।

महिला कांस्टेबल भावना सोनकर ने बताया कि मै घटनास्थल पर खड़े स्थानीय लोगों से गुहार लगाती रही कि मेरे भाई को बचा लो। नशे में धुत व्यक्ति मुझे भी बाल पकड़ कर दोनों पीटने में लगा, इसके बाद उनका एक साथी आ गया और वो हम दोनों को पीटने लगा। इसके बाद नशेबाज युवक अपनी कार छोड़ कर भाग गए क्योंकि उनकी कार बंद हो गयी और वो स्टार्ट नही हो रही थी। मैंने पुलिस कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना दी,मौके पर पहुंची पुलिस के साथ मैं थाने आ गयी। इसके बाद थाने में नेता गिरी शुरू हो गयी ,मुझ पर समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। तीन घंटे तक हमारा मेडिकल नहीं कराया। थाने में नशेबाज युवकों की तरफ से आए लोग मुझे नौकरी से हटवाने और कोर्ट कचहरी की चक्कर लगवाने की धमकी देने लगे।
भावना ने बताया कि मेरा ही विभाग मेरा साथ देने को तैयार नहीं था, बड़ी मुश्किल से पुलिस एक युवक को पकड़ लायी और उससे बड़े ही नार्मल ढंग से पूछताछ कर उसे थाने में बैठा दिया। जो लड़का पकड़ा गया है पुलिस ने उससे यह नहीं पुछा कि मार पीट में तुम्हारे साथ और कौन-कौन शामिल था। स्थानीय पुलिस दूसरे लड़के को बचाने का प्रयास कर रही है और जो लड़का पकड़ा गया है उसका नाम तो है,लेकिन बाकी को अज्ञात में डाल कर मुकदमा लिख रही है। मुझ पर समझौते का दबाव भी बनाया जा रहा है लेकिन मैंने किसी बात नहीं सुनी और इस घटना के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। आखिर उन लड़कों ने मुझे और मेरे भाई को क्यों पीटा उसकी और मेरी गलती क्या थी। भावना सोनकर का कहना है कि यदि मुझे न्याय नहीं मिला और उन लड़को के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई तो मैं अपना इस्तीफा दूंगी। ऐसे विभाग में नौकरी करने से क्या फायदा जिसके लिए मैं दिन रात लोगों की मदद के लिए तैयार रहती हूँ।

सीओ गोविन्द नगर, सैफुद्दीन के मुताबिक दोनों पक्ष अपनी-अपनी गाडियों में थे ,कार को ओवर टेक करने को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात पर ज्यादा मार पीट हुई ,थाने तक आई बात मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। दोनों का मेडिकल कराया गया है, एक लेडी कॉन्स्टेबल और उसके भाई को दो लोगों ने मारा है। एक गिरफ़्तारी हो चुकी है उसे जेल भेजा जा रहा है और दूसरे की तलाश की जा रही है।

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