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मॉब लिंचिंग पर सख्त हुआ गृह मंत्रालय, राज्यों को दिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

नई दिल्ली | कहीं बच्चा चोर तो कहीं गौ मांस के नाम पर भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा के बढ़ते मामलों में केंद्र सरकार आखिरकार हरकत में आ ही गई है। आज (गुरुवार) को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी (दिशा निर्देश) जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि वे भीड़ द्वारा हत्याओं (मॉब लिंचिंग) तथा तेज़ी से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाएँ। गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब भीड़ बच्चा चोर होने के शक में 29 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर चुकी है।

गृह मंत्रालय ने कहा, ”केंद्र ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे बच्चा चोर की अफवाह और उसके बाद हो रही मॉब लिंचिंग की घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए. गृह मंत्रालय राज्यों से आग्रह करता है कि वह अफवाह रोकने के लिए एहतियातन जरूरी और प्रभावशाली कदम उठाए।” दिशा निर्देशों के मुताबिक, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने-अपने जिला प्रशासन को आदेश दे कि वे अफवाह फैलने वाले इलाकों की पहचान करें और उस इलाके में अफवाह रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाएं। इसके अलावा राज्यों को निर्देश दिया गया कि बच्चों की चोरी के मामलों को गंभीरता से लें और उचित पड़ताल करें।

आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में देश भर में मॉब लिंचिंग की घटना में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इस मामले में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित है। ज़्यादातर घटनाओं की मुख्य वजह सोशल मीडिया (फेसबुक और व्हाट्सएप) है। सोशल मीडिया पर लोगों को मैसेज भेजा जाता है कि आपके आसपास के शहरों में बच्चा चोर घूम रहा है। ऐसे में भीड़ बगैर सोचे-समझे किसी भी व्यक्ति को संदेह के आधार पर पकड़ लेती है और उसे पुलिस को सौंपने की बजाय खुद ही मारपीट करना शुरू कर देती है।