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लगातार तीसरे साल भी सर्किल रेटों में नहीं होगा बदलाव, पुराने रेटों की गलतियाँ ठीक करेगा जीडीए

गाज़ियाबाद में प्रॉपर्टी मार्केट में निवेश करने वालों और अपने लिए घर खरीदने का मन बनाने वालों के लिए एक खुशी की खबर है। गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपने सर्किल रेटों में लगातार तीसरे साल भी कोई बदलाव नहीं करने जा रहा है। जीडीए के अधिकारियों ने बताया कि सभी सब-रजिस्ट्रारों को निर्देश दे गए हैं कि वे अपनी-अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द हम करा दें ताकि नए सर्किल रेटों की अधिसूचना जारी की जा सके। आपको बता दें कि प्राधिकरण को 8 अगस्त से पहले नए सर्किल रेटों की अधिसूचना जारी करनी है। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए आकर्षित करने तथा राजस्व बढ़ाने की नियत से हमने तय किया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए सर्किल रेटों में कोई बदलाव न किया जाए। हालांकि कि इस दौरान उन क्षेत्रों के रेट्स ठीक करने का काम जारी रहेगा जहां मौजूदा रेट्स और सर्किल रेट्स में अंतर पाया गया है।
एडीएम (वित्त व राजस्व) सुनील कुमार ने बताया कि प्रॉपर्टी मार्केट में छाई मंदी को देखते हुए सर्किल रेट न बढ़ाने का हमारा कदम सही है। इस प्रक्रिया से ज्यादा से ज्यादा लोग रजिस्ट्री कराने के लिए आगे आएंगे और प्रदेश के राजस्व में वृद्धि होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इंदिरापुरम, कौशांबी और वैशाली जैसे क्षेत्रों में सर्किल रेट्स पहले से ही बहुत ज्यादा हैं, ऐसे में रेट्स बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है।
वर्ष 2016-17 के दौरान गाज़ियाबाद जिले के स्टांप और रजिस्ट्री विभाग को ₹1,617.7 करोड़ का लक्ष्य मिला था लेकिन विभाग इस दौरान केवल ₹1,014.45 करोड़ ही एकत्र करने में सफल हो पाया था। यही कारण था कि वर्ष 2016-17 के लिए राजस्व टारगेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस बार राजस्व विभाग ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया और ₹1,224.33 का राजस्व वसूलने में सफल रहा। इस वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व विभाग को ₹1,626 करोड़ का टारगेट दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 56,151 रजिस्ट्रियाँ हुई जबकि 2017-18 में रजिस्ट्रियों की संख्या 65,508 रही। एडीएम सुनील कुमार ने बताया कि सर्किल रेट्स में वृद्धि न होने के कारण रजिस्ट्रियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। लेकिन जहां-जहां भी सर्किल रेटों में कमी पाई गई है, उनमें सुधार का काम जारी रहेगा। वहीं विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हालांकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न पेरीफ़ीरल एक्सप्रेस वे के आसपास गांवों से सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन यह सर्किल रेट बढ़ाने के लिए कोई मजबूत कारण नहीं है।
वहीं बिल्डरों और डेवेलपरों की संस्था क्रेडाई की राजनगर एक्सटैन्शन शाखा के महासचिव गौरव गुप्ता का कहना है कि रियल एस्टेट मार्किट में आई मंदी को दूर करने के लिए सरकार को चाहिए कि वह सर्किल रेटों में कमी लाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रॉपर्टी मार्किट में निवेश करने के लिए आकर्षित हों।