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प्रसिद्ध खगोलविद जॉर्ज लेमैत्रे को गूगल ने डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी

गूगल ने डूडल बनाकर आज प्रसिद्ध ज्योतिषी और फिजिक्स के प्रफेसर जॉर्ज हेनरी जोसेफ एडोर्ड लेमैत्रे को उनके 124वें जन्मदिन पर याद किया है। जॉर्जेस लेमेइट्रे कैथोलिक यूनिवर्सिटी, ल्यूवेन में फिजिक्स के प्रफेसर थे। इन्होंने सैद्धांतिक आधार पर दावा किया था कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है, जिसकी पुष्टि बाद में एडविन  हबल द्वारा भी की गई। जिसे आज हबल लॉ के नाम से जाना जाता है उसको प्राप्त करने वाले यह पहले व्यक्ति थे। जिसे आज हबल कॉन्सटैंट कहा जाता है उसका सबसे पहला अनुमान इन्होंने ही लगाया था। इनका यह अनुमान Hubble के आर्टिकल से 2 साल पहले 1927 में ही पब्लिश हो गया था। गूगल के होमपेज पर बना गूगल डूडल ऐनिमेटिड है और इस पर क्लिक करने से उनसे जुड़ी खबरों के पेज पर Redirect हो जाते हैं।

जॉर्ज लेमैत्रे का जन्म 17 जुलाई 1894 को बेल्जियम में हुआ था। 17 साल की उम्र में इन्होंने कैथोलिक यूनिवर्सिटी, ल्यूवेन से सिविल इंजिनियरिंग की पढ़ाई शुरू कर दी थी। ल्यूमे ने ब्रह्मांड की उत्पत्ति की ‘बिग बैंग थ्योरी’ को भी प्रस्थापित किया था जिसे वह अपनी ‘हायपोथेसिस ऑफ द प्रीमेवल एटम’ या ‘कॉसमिक एग’ कहते थे। 1933 में ल्यूमे ने अल्बर्ट आइंस्टीन के साथ कैलिफोर्निया में सेमिनार की एक पूरी सीरीज अटेंड की।

1936 में इनको पॉन्टिफिकल अकेडमी ऑफ साइंस के सदस्य के तौर पर चुना गया। 1941 में इन्हें रॉयल अकेडमी ऑफ साइंस ऐंड आर्ट्स ऑफ बेल्जियम का सदस्य भी चुना गया। इनके कार्यो के लिए कई बार सम्मानित भी किया गया। 17 मार्च 1934 को इन्हें किंग ल्योप्लॉड 3 द्वारा फ्रैंक्वी प्राइज दिया गया जो बेल्जियम के सर्वोच्च साइंटिफिक अवॉर्ड में गिना जाता है। 1953 में इनको रॉयल ऐस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी द्वारा एडिंग्टन मेडल से सम्मानित किया गया। 20 जून 1966 को जॉर्जेस लेमेइट्रे का निधन हो गया।