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सीएनजी पंपों पर बंद होगी घटतौली, सरकार बदल रही है वजन नापने का तरीका

केंद्र सरकार अब सीएनजी पंपों पर हो रही घटतौली पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। सीएनजी पंपों पर धांधली की शिकायतों को देखते हुए सरकार सीएनजी के वजन की जांच का तरीका बदलेगी। उपभोक्ता मंत्रालय अब नई तकनीक के साथ सीएनजी पंप पर वजन की जांच करेगा। ताकि सीएनजी पंपों के कर्मचारी गाड़ियों में कम गैस डालकर ज्यादा कीमत नहीं वसूल पाएं। मंत्रालय ने इसके लिए जांच के तरीके में बदलाव किया है। ताकि, पेट्रोल-डीजल के मात्रा उपकरण की तरह गाड़ी में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी का वजन और सीएनपी डिस्पेंसिंग मशीन की मात्रा का मिलान किया जा सके। सीएनजी की मात्रा की जांच की किट खरीदने के लिए उपभोक्ता मंत्रालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन-चार माह में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, देश में सीएनजी पंप और सीएनजी गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले एक साल के दौरान सीएनजी से संबंधित करीब 400 शिकायतें मिली हैं। लेकिन काफी ग्राहक ऐसे होते हैं जो जल्दबाजी में शिकायत दर्ज नहीं कराते या उन्हें पता ही नहीं होता है कि गैस के वजन में किस तरह हेराफेरी कर उन्हें चूना लगाया जा रहा है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्यों के नापतौल विभाग के अधिकारी हर साल सीएनजी पंपों की जांच करते हैं, लेकिन जांच का यह तरीका बहुत पुराना है। इसमें गड़बड़ी की संभावना बनी रहती है। इसलिए सीएनजी के वजन की जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है।

ऐसे होती है गड़बड़ी
पेट्रोल-डीजल डिस्पेंसिंग मशीन की तरह सीएनजी डिस्पेंसिंग मशीन में भी गड़बड़ी कर वजन को कम कर दिया जाता है। मतलब यह कि मशीन का डिस्पले बता रहा है कि गाड़ी में एक किलो गैस गई है, पर असल में गाड़ी में गैस कम जाती है। जबकि मशीन डिस्पले पर आई गैस की मात्रा को सीएनजी के प्रति किलो के दाम से गुना कर कीमत बता देती है। कई लोग गैस के प्रेशर को लेकर भी सीएनजी पंप पर अपनी शिकायत करते हैं, मगर सुनवाई नहीं होती।

अभी ऐसे होती है जांच
सीएनजी पंपों पर नापतौल विभाग के ज्यादातर अधिकारी एलपीजी की तरह सीएनजी का भी वजन लेते हैं। मसलन, पंप पर एक सिलेंडर में गैस भरकर उसे तौला जाता है। इसमें गडबड़ी की काफी गुंजाइश रहती है। लंबी प्रक्रिया होने की वजह से अमूमन जांच अधिकारी पंप पर लगी सभी सीएनजी मशीनों के बजाय एक या दो मशीनों की ही जांच करते हैं।

अब ऐसे होगी जांच
अब नापतौल विभाग के अधिकारी ‘गैस फ्लो’ के जरिये वजन का आकलन करेंगे। मसलन, किसी भी सीएनजी मशीन के ‘नोजिल’ और गाड़ी के बीच ‘कैलिब्रेशन किट’ को लगाकर जांच की जा सकती है कि गाड़ी में कितनी सीएनजी गई है। इसके जरिए गाड़ी में गई गैस के वजन के साथ उसका तापमान और प्रेशर भी मापा जा सकता है।

कहाँ करें शिकायत –
घटतौली की शिकायत पर दिल्ली क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के कस्टमर केयर नंबर 18001025109 या 01146074607 पर की जा सकती है। इसके लिए वेबसाइट पर भी लिखित में शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा राज्यों के स्तर क्षेत्रीय कस्टमर केयर नंबर दिए गए हैं। ग्राहक अपनी शिकायत सीधे पेट्रोलियम मंत्रालय या पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड को भी भेज सकते हैं। अगर फिर भी शिकायत का निपटारा नहीं होता है तो उपभोक्ता फोरम का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है।

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