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बैंक मर्जर : बदलना पड़ेगा खाता संख्या से लेकर ATM-चेकबुक तक

बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के महाविलय हो जाने के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या कम हो जाएगी। हालांकि इस विलय से इन बैंकों के ग्राहकों पर बड़ा असर पड़ेगा, क्योंकि इन सभी के बैंक का नाम, खाता संख्या, एटीएम और चेकबुक तक बदलवानी पड़ सकती है।
बनेगा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक

इन तीन बैंकों के विलय की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद देश में तीसरा बड़ा बैंक अस्तित्व में आ जाएगा। हालांकि अभी इस नए बैंक को आस्तित्व में आने में कम से कम 6 माह का वक्त लगेगा। हालांकि इन बैंकों के ग्राहकों का पेपरवर्क काफी बढ़ जाएगा। देना और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय नहीं होगा, ब्लकि तीनों बैंकों का विलय करके एक नया बैंक बनाया जाएगा।

फिर से खोलना पड़ सकता है खाता

इन तीन बैंकों के ग्राहकों को नए बैंक में अपना फिर से खाता खोलना होगा। इससे उनका पेपर वर्क काफी बढ़ जाएगा। ग्राहकों को खाता खोलने के लिए एक बार फिर से केवाईसी की प्रक्रिया को दोहराना होगा। केवाईसी हो जाने के बाद ग्राहकों को नई चेकबुक, एटीएम कार्ड और पासबुक मिलेगी।

देश में यह हैं पांच बड़े बैंक

देश में जो पांच बड़े बैंक हैं, उनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन बैंकों में एसबीआई में फिलहाल सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है।

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