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नेहरू स्टेडियम को लीज पर देने का विरोध, अनिश्चितकालीन धरना शुरू

गाज़ियाबाद नेहरू स्टेडियम को लीज पर देने के विरोध में बुधवार को लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कई सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के नेता समेत सैकड़ों लोग इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि, जीडीए मनमाने तरीके से खेल मैदान को लीज पर दे रहा है। इससे लोगों की सुविधाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। साथ ही निजी कंपनी का स्टेडियम पर कब्ज़ा हो जाएगा।नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम को लीज पर देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होते ही इसका विरोध शुरू हो गया था। टेंडर खुलते ही तीन आवेदन सामने आने के बाद खिलाड़ियों, स्थानीय लोगों, राजनैतिक पार्टियों और व्यापारिक संगठनों ने इसका विरोध तेज कर दिया है।

स्टेडियम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सभी ने स्टेडियम के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। रालोद के नेता अजयवीर सिंह ने कहा कि इस तरह प्राधिकरण मैदान को लीज पर नहीं दे सकता है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान होगा। सपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मन्नी ने कहा कि नेहरू स्टेडियम एक खेल मैदान है, ऐसे में उसे लीज पर नहीं दिया जा सकता है। इससे वहां अवैध कब्जा बढ़ जाएगा। रालोद नेता रामानंद गोयल, कांग्रेस नेता सतीश शर्मा ने कहा कि मैदान को लीज पर देना गलत है। यह खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। इस दौरान राहुल चौधरी, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी, पवन शर्मा, वीर सिंह चौधरी, इंद्रजीत सिंह टीटू, रविंद्र चौहान, अमरजीत सिंह, पूर्व ओलंपियन हरवंश लाल सुरी, राजीव शर्मा, सुनील सिंघल, ओडी त्यागी आदि मौजूद रहे।

महानगर उद्योग व्यापार मंडल ने स्टेडियम बचाओ संघर्ष समिति को समर्थन दिया। महानगर अध्यक्ष गोपीचंद, दवा व्यापारी राज देव त्यागी ने कहा कि इस क्षेत्र में कोई बड़ा घूमने के लिए मैदान नहीं है। ऐसे में स्थानीय सहित आसपास के लोग भी सुबह शाम यहां घूमने आते हैं। इसे लीज पर देने से लोगों पर आर्थिक भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो लोगों की सेहत के लिए पेड़ पौधे लगाकर सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ लोगों से ऐसे मैदान दूर करने की योजना बनाई जा रही है।

जीडीए बोर्ड सदस्य और भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने जीडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर इसका विरोध किया था। इस मामले को बोर्ड बैठक में रखकर चर्चा करने की भी मांग उठाई थी। इस संबंध में उन्होंने सभी बोर्ड सदस्यों के हस्ताक्षर कर पत्र जीडीए उपाध्यक्ष को दिया है। वहीं, नगर निगम के पार्षद और भाजपा नेता राजेंद्र त्यागी ने भी इस मुद्दे को उठाकर विरोध किया था।फीस दोगुना करने का विरोध हुई थानेहरू स्टेडियम की फीस बढ़ाने का विरोध हो चुका है, लेकिन इसे वापस नहीं लिया गया था।

जीडीए ने मैच और अभ्यास की फीस दोगुना कर दी थी। इसमें प्रति माह नेट प्रैक्टिस फीस चार हजार से बढ़ाकर आठ हजार, पवेलियन सहित मैच फीस पांच से बढ़ाकर 10 हजार, रणजी मैच की फीस एक लाख से बढ़ाकर दो लाख और अंतरराष्ट्रीय मैच की फीस दो लाख से बढ़ाकर चार लाख कर दी थी।

जीडीए ने 90 के दशक में नेहरू नगर स्थित नेहरू स्टेडियम बनाया था। यह स्टेडियम कई एकड़ में फैला है। मुख्य रूप से क्रिकेट के लिए तैयार किया गया है। यहां कई रणजी मैच खेले जा चुके हैं।

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