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बिल्डरों पर योगी सरकार हुई सख्त – नहीं ले सकेंगे 10% से ज्यादा बुकिंग राशि

उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट ने बुधवार को ‘द उत्तर प्रदेश रियर स्टेट (रेगुलेशन एंड डवलपमेंट) (एग्रीमेंट फॉर सेल रूल्स) 2018 पास कर दिया। इसके तहत अब उत्तर प्रदेश में बिल्डरों को बुकिंग के समय ही खरीदारों के साथ एग्रीमेंट करना होगा। इतना ही नहीं बुकिंग राशि 10 फीसदी से अधिक नहीं लिया जा सकेगा। सरकार के मुताबिक इस कदम से फ्लैट, मकान और जमीन लेने वालों के साथ आए दिन होने वाली धोखाधड़ी में कमी आएगी।
राजधानी में हुई एक पत्रकार वार्ता में राज्य के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार खरीदारों के हितों का रक्षा करने के लिए लगातार फैसले ले रही है। केंद्र सरकार का भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 (रेरा) जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू हो गया है। उत्तर प्रदेश में एक मई 2017 से रेरा लागू किया जा चुका है। इसके तहत प्रोजेक्ट शुरू करने वाले बिल्डरों को तीन महीने में रेरा में पंजीकरण कराना जरूरी किया जा चुका है।
श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ‘रेरा’ नियमावली बनाते समय एग्रीमेंट फॉर सेल की प्रक्रिया तय नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में बिल्डर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे। खरीदारों द्वारा इस तरह की ‘रेरा’ में शिकायत आने के बाद बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि एग्रीमेंट फॉर सेल संबंधी आदेश जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।

एग्रीमेंट फॉर सेल की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं –

  • बिल्डर बुकिंग राशि 10 फीसदी से अधिक नहीं ले सकेंगे
  • आवंटन पत्र में निर्मित क्षेत्र, फ्लोर, ब्लाक, गैराज का विवरण देना होगा
  • प्लाट लेने वालों को इसका नंबर, क्षेत्रफल बताना जरूरी होगा
  • परियोजना में कॉमन एरिया में खुले में पार्किंग का क्षेत्रफल बताना होगा
  • फ्लैट व मकान में कारपेट एरिया के आधार पर कीमत तय की जाएगी
  • आवंटी से गैराज, पार्किंग का पैसा अलग से लिया जाएगा
  • बिल्डर को टैक्स या रखरखाव चार्ज का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा
  • बुकिंग व पूरी कीमत में जीएसटी व अन्य टैक्स को जोड़ा जाएगा
  • एग्रीमेंट के बाद निर्माण लागत बढ़ने पर भी बॉयर्स से इसे नहीं वसूला जाएगा
  • बिल्डर अतिरिक्त काम के नाम पर कोई पैसा बॉयर्स से नहीं ले सकेगा
  • एग्रीमेंट में फ्लैट व प्लाट की कीमत किसी भी मूल्य वृद्धि से बाहर होगा
  • विकास प्राधिकरणों द्वारा विकास शुल्क बढ़ाने पर बॉयर्स से नहीं लिया जाएगा
  • बिल्डर लेआउट प्लान या अन्य किसी प्लान में छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा
  • निर्माण पूरा होने के बाद बिल्डर को दो माह में कब्जा व तीन माह में रजिस्ट्री करना होगा
  • सामुदायिक सुविधा वाले स्थानों पर तय समय में वेलफेयर एसोसिएसशन को देना होगा
  • आपात स्थितियों में ही बिल्डर को समय बढ़ाने की मोहलत मिलेगी
  • तय समय में कब्जा न लेने पर आवंटियों को फ्लैट पर 2 रुपये प्रतिमाह प्रति वर्ग फीट तथा जमीन पर 1 रुपये होल्डिंग चार्ज देना होगा
  • बॉयर्स को बुकिंग एग्रीमेंट रद करने का अधिकार होगा, लेकिन बुकिंग राशि जब्त कर ली जाएगी और शेष पैसा 50 प्रतिशत 45 दिन और शेष 50 प्रतिशत एक साल में देना होगा
  • बिल्डर इस फ्लैट या जमीन को बेचने की सूचना बॉयर्स के साथ रेरा को देगा
  • तय समय में कब्जा न देने पर बिल्डर को हाउसिंग लोन के एक प्रतिशत ब्याज के साथ पैसा वापस देना होगा
  • बिल्डर को जमीन के बारे में पूरी जानकारी देना जरूरी होगा
  • बिल्डर नोटिस के बाद तीन महीने तक पैसा जमा न करने वालों का आवंटन निरस्त कर सकेगा
  • एग्रीमेंट तभी मान्य होगा जब आवंटी पेमेंट प्लान के मुताबिक पैसा दे और उसकी रजिस्ट्री कराएगा
  • रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बनने तक बिल्डर देखरेख करेगा
  • बिल्डर को सिर्फ एक साल तक ही रखरखाव का अधिकार होगा, इसके बाद एसोसिएशन करेगा
  • गौतमबुद्ध नगर में अधिकतर जमीन लीज पर होने की वजह से सील के साथ लीज की व्यवस्था दी गई है
  • आवंटी से चूक होने पर आवंटन निरस्त करने की समय सीमा 15 माह से घटाकर 9 माह कर दी गई है

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