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मीडिया क्षेत्र के दिग्गज राघव बहल की कई संपत्तियों पर आयकर के छापे

आयकर विभाग ने गुरुवार 11 अक्टूबर को कथित रूप से कर चोरी से जुड़े एक मामले में मीडिया क्षेत्र के दिग्गज राघव बहल के आवास और कार्यालय की तलाशी ली। आयकर अधिकारियों ने बताया कि विभाग के एक दल ने तड़के नोएडा स्थित बहल के आवास पर छापा मारा। विभाग की टीम को विभिन्न लाभार्थियों को प्राप्त हुए लंबी अवधि के फर्जी पूंजीगत लाभ के मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूतों की तलाश थी।

एडिटर्स गिल्ड आॅफ इंडिया ने आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि आयकर के प्रायोजित छापों से मीडिया की स्वतंत्रता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचेगा। सरकार को इस तरह की कोशिशों से परहेज करना चाहिए। बहल ने अपने आवास और ‘द क्विंट’ के कार्यालय में छानबीन के लिए आयकर विभाग के दर्जनों अधिकारियों के भीतर घुसने के बाद एडिटर्स गिल्ड आॅफ इंडिया से अपनी चिंता साझा की थी।

आयकर अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में बहल के अलावा तीन अन्य लाभार्थियों और पेशेवरों जे लालवानी, अनूप जैन और अभिमन्यु के परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। विदेशों में स्थित कपंनियों के साथ उनके व्यापार संबंधों की जांच की जा रही है। राघव बहल समाचार पोर्टल ‘क्विंट’ और ‘नेटवर्क 18’ समूह के संस्थापक और जाने-माने मीडिया उद्यमी हैं।

इस कार्रवाई को लेकर राघव बहल ने कहा कि हम ईमानदारी से कर भरने वाले प्रतिष्ठान हैं। एक बयान में उन्होंने कहा कि हम सभी उचित वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे। हालांकि, मैंने अभी-अभी मेरे परिसर में मौजूद अधिकारी से बात की है और उनसे गंभीरता से अनुरोध किया है कि वे अन्य कोई चिट्ठी/दस्तावेज न देखें या न उठाएं क्योंकि उसमें पत्रकारिता से जुड़ी बेहद गंभीर/संवेदनशील सामग्री हो सकती है।’ बहल ने कहा कि उन्हें अनधिकृत तरीके से दस्तावेजों की प्रति बनाने के लिए अपने स्मार्टफोन का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

इसके बाद बहल ने ट्वीट किया, ‘यदि वह ऐसा करते हैं तो वह बेहद गंभीर कदम उठाएंगे।’ मीडिया में जारी किए गए एक अन्य बयान में बहल ने कहा था कि वे दिल्ली लौट रहे हैं। उनकी पत्नी और मां आवास में ही हैं और उन्हें किसी से बातचीत करने की अनुमति नहीं है।

इस घटनाक्रम को लेकर एडिटर्स गिल्ड आॅफ इंडिया ने चिंता जताई है। गिल्ड ने अपने बयान में आयकर विभाग की छानबीन और तलाशी पर चिंता जताई। एडिटर्स गिल्ड ने इस पर भी नाराजगी प्रकट की है कि बहल को सख्ती से आयकर अधिकारियों को किसी भी तरह के मेल और दस्तावेज को देखने या ले जाने से मना करना पड़ा, जिसमें बेहद गंभीर और संवेदनशील पत्रकारिता संबंधी सामग्री हो सकती है। बहल ने चेतावनी दी कि अगर अधिकारी ऐसा करेंगे तो इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।

गिल्ड ने कहा कि कर प्रशासन को संबंधित कानूनों की तामील करते हुए अपनी छानबीन करने का अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल सरकार के आलोचकों को डराने-धमकाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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