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कारोबारी को अगवा कर तीन घंटे कार में घुमाया, एटीएम से हजारों रुपये निकाले

गाज़ियाबाद विजयनगर थानाक्षेत्र में चार नवंबर की रात आइटी कारोबारी को कार में अगवा कर लूटपाट की गई। कार सवार पांच बदमाशों ने कारोबारी की कार में टक्कर मारकर रोका और अपनी कार में अगवा कर लिया। बदमाशों ने कारोबारी का मोबाइल, चेन व घड़ी लूट ली और दो एटीएम कार्ड का पिन नंबर पूछकर हजारों रुपये निकाल लिए। काफी देर तक कार में घुमाने के बाद बदमाशों ने उन्हें दिल्ली के गाजीपुर में छोड़ा, जहां उन्होंने दिल्ली पुलिस से शिकायत की। सूचना पर पहुंची इंदिरापुरम पुलिस उन्हें अपने साथ लाई और फिर विजयनगर थाने भेज दिया।

राजीव कुमार तिवारी क्रॉसिंग रिपब्लिक की अजनारा जेनएक्स सोसायटी में परिवार के साथ रहते हैं। वह विभिन्न कंपनियों को आइटी सॉल्यूशंस प्रोवाइड कराते हैं और वैशाली के सेक्टर-1 में उनका आफिस है। रविवार रात 10 बजे वह आफिस से अपनी पोलो कार में सवार होकर घर के लिए निकले थे। सवा दस बजे उन्होंने हिंडन बैराज क्रॉस कर सिद्धार्थ विहार में प्रवेश किया और तुरंत पीछे से सफेद रंग की एक्सेंट कार आ गई। बदमाशों ने उनके बराबर में कार लाकर टक्कर मारी, जिस कारण वह रुक गए। एक्सेंट कार से पांच युवक निकले, जिनके पास तमंचे व चाकू थे। आरोपियों ने उन्हें अपनी कार में बैठाकर काले कपड़े से मुंह ढक दिया। इसके बाद आरोपियों ने कार चला दी और दो बदमाश उनकी कार से पीछे-पीछे चलने लगे। उनसे सोने की चेन, कीमती घड़ी, मोबाइल व पर्स लूट लिया। पर्स से एटीएम निकाला और पिन पूछा। उनके इन्कार करने पर बदमाशों ने उनके चेहरे और सीने पर कई वार किए। उनके पिन बताने के बाद साढ़े 11 बजे उनके बचत खाते से दो हजार रुपये और चालू खाते से चार बार में 40 हजार रुपये निकाल लिए। चार बार की ट्रांजैक्शन के बाद बैंक ने खुद ही उनका कार्ड ब्लॉक कर दिया, जिस कारण खाते में शेष 31 हजार रुपये बच गए।

डायल-100 एफआइआर लागू कर जहां गाजियाबाद पुलिस प्रदेश ही नहीं, देश भर में वाहवाही लूट रही है तो वहीं एक कारोबारी की एफआइआर दर्ज नहीं की जा रही है। उनका दोष सिर्फ इतना है कि मोबाइल लुट जाने के कारण वह 100 नंबर पर कॉल नहीं कर पाए। घायल और बदहवास हालत में वह सीधे पुलिस के पास पहुंचे, जहां से पहले उन्हें एक और फिर दूसरे थाने भेज दिया गया। पीड़ित ने देर रात करीब चार बजे विजयनगर थाने में तहरीर दी। आरोप है छह नवंबर की देर रात तक विजयनगर पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पांच और छह नवंबर को वह थाने गए। आरोप है कि थाना प्रभारी रामेश्वर कुमार ने उनसे कह दिया कि दिवाली बाद आना। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में पुलिस जांच कर रही है।

वहीं, बेखौफ़ बदमाश लूटे गए मोबाइल का प्रयोग भी कर रहे हैं। राजीव ने बताया कि पांच नवंबर की रात करीब आठ बजे एक रिश्तेदार ने उनके नंबर पर फोन किया तो नंबर लग गया। उधर से फोन उठते ही आवाज आई कि, बलराज भाटी बोल रहा हूं। पुलिस के पास मत जाना। बता दें कि बलराज भाटी कुख्यात बदमाश था, जिसे नोएडा पुलिस ने इसी साल अप्रैल में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। एसपी सिटी श्लोक कुमार का कहना है कि लूट, चोरी की घटनाओं में तुरंत एफआइआर दर्ज की जा रही है। पीड़ित के आरोपों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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