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जीडीए की लापरवाही से नाले में गिरकर हुई थी बच्ची की मौत, 7 अधिकारी दोषी

जिला प्रशासन की मैजिस्ट्रेट जांच में इंदिरापुरम के नाले में बच्ची के गिरकर मौत के मामले में जीडीए के सात अधिकारी को मुख्य रूप से दोषी माना गया है। जबकि दो अधिकारियों को आंशिक रूप से दोषी माना है। दोषी अधिकारियों पर ऐक्शन के लिए रिपोर्ट बनाकर प्रमुख सचिव आवास को भेजी गई है। साथ ही जीडीए वीसी कंचन वर्मा को भी रिपोर्ट भेजी गई है। फिलहाल पुलिस और जीडीए के अधिकारी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 से घटना वाले दिन तक जो भी इंजीनियर इस एरिया में तैनात थे सभी इस मामले के दोषी है। इसमें एक्जीक्यूटिव इंजीनियर चक्रेश जैन, एसकेएस चौहान, हीरालाल, जूनियर इंजीनियर बलबीर सिंह, धनपाल कठेरिया, सहायक अभियंता वी.पी. सिंह और सुपरवाइजर छोटे साहू प्रमुख रूप से घटना के लिए जिम्मेदार हैं। जबकि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह और सहायक अभियंता केशव राम को आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया। क्योंकि इनकी तैनाती कुछ दिन पहले ही इस जोन पर की गई है। बता दें कि चक्रेश जैन, हीरालाल समेत कई अन्य इंजीनियरों का जीडीए से ट्रांसफर हो चुका है।

गौरतलब हो कि, इंदिरापुरम की पिनाकल सोसायटी के पास पिछले दिनों नाले में गिरने से 11 साल की बच्ची (प्रियंका) की मौत हो गई थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्ची का शव घटनास्थल से 20 मीटर की दूरी पर मिला। इस मामले पर डीएम रितु माहेश्वरी ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम विवेक मिश्रा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट सोमवार 12 नवंबर को आई।

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