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जानिए कितने प्रकार के होते हैं मुँहासे और कैसे करें उनका इलाज

किसी भी खास मौके पर हमारे लुक को खराब करने के लिए सिर्फ एक पिंपल ही काफी है। स्किन की सभी परेशानियों में पिंपल्स की समस्या सबसे बड़ी है। गर्मियों में तो यह समस्‍या और भी बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिंपल्स भी कई तरह के होते हैं और इनका इलाज भी अलग-अलग तरीके से किया जाता है। जीं हां पिंपल्स चार तरह के होते हैं। कुछ आसानी से ठीक हो जाते है, तो कुछ को जिद्दी पिंपल्‍स को ठीक होने में बहुत समय लग जाता है। अगर आप भी पिंपल्स से परेशान हैं, और जल्द से जल्द इसे दूर करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको पिंपल्‍स के प्रकार के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
नॉर्मल पिंपल्स और उनका इलाज
इस तरह के पिंपल्स सफेद परत के साथ गुलाबी या थोड़े से लाल और पस और तेल से भरे होते है। यह पिंपल्‍स पोर्स के अंदर बंद होने के कारण होते हैं। बैक्टीरीया के बढ़ने से इसमें सूजन होने लगती है और सफेद तरल पदार्थ यानी पस भर जाती है। इस तरह के पिंपल्‍स सबसे आसानी से ठीक होने वाले पिंपल्स हैं। बेंजोयल पेरोक्साइड और सैलिसिलिक एसिड की मौजूदगी वाले प्रोडक्‍ट्स से आप इन पिंपल्स से छुटकारा पा सकते हैं।
गांठ वाले पिंपल्स और उनका इलाज
गांठ वाले पिंपल्‍स सबसे खतरनाक और काफी दर्दनाक पिंपल्‍स होते हैं, जो त्‍वचा के अंदर तक हो जाते हैं। यह चेहरे के किसी भी हिस्‍से पर हो सकते हैं। यह लाल और सफेद ब्‍लड सेल्‍स, ऑयल और बैक्‍टीरिया से भरे होते हैं। गांठ वाले बड़े पिंपल्स को ठीक होने में महीना भर लग जाता है। इस तरह के पिंपल्स को साधारण प्रोडक्ट की मदद से कभी ठीक नहीं किया जा सकता है। इनसे निज़ात पाने के लिए स्किन स्पेशलिस्ट से ट्रीटमेंट लेना जरूरी होता है।
ब्लैकहेड्स वाले पिंपल्‍स और उनका इलाज
इस तरह के पिंपल्‍स तब होते हैं, जब सीबम या डेड स्किन सेल्स से आपकी स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। ब्लैकहैड्स पिंपल्‍स हवा के संपर्क में आकर ऑक्सीडाइज होकर ब्लैक हो जाते हैं। जबकि व्हाइटहेड्स तब बनते हैं, जब यह त्‍वचा के अंदर होते हैं और हवा से ऑक्सीडाइज नहीं हो पाते हैं। इन दोनों का इलाज साधारण प्रोडक्ट्स से नहीं हो सकता है। ब्लैकहेड्स या व्हाइटहेड्स को हटाने के लिए सैलिसिलिक एसिड हमेशा ही बड़े काम का होता है।
बड़े पिंपल्स और उनका इलाज
लाल रंग के यह पिंपल्‍स बीच में से पीले या सफेद होते हैं। जब पोर्स के अंदर बिल्कुल गहराई में ऑयल और बैक्टीरीया पहुंच जाते हैं, तब व्हाइट ब्लड सेल्स इस इंफेक्शन से लड़ने की कोशिश करते हैं। इस तरह के पिंपल्स पर ध्यान देना बहुत जरूरी है और इनका इलाज स्किन स्पेशलिस्ट के बताये उपायों द्वारा ही किया जाना चाहिए।

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