ताज़ा खबर :
prev next

शिक्षा का अधिकार – 9 अभिभावकों ने गलत दस्तावेजों से खुद को बनाया “गरीब”, अब झेलेंगे कानूनी कार्यवाही

नोएडा जिला प्रशासन ने रविवार को बताया कि नौ अभिभावकों ने गलत जानकारी देकर जिले के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में ईडबल्यूएस कैटेगरी में अपने बच्चों के दाखिले कराए हैं। जिला प्रशासन अब इन अभिभावकों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करेगा।
हालांकि जिन नौ मामलों में अनियमितता पाई गई, उसमें से 4 अभिभावकों का एक समूह अपने बच्चों को ईडबल्यूएस कैटेगरी में प्रवेश दिलाने में सफल नहीं हो पाया। शेष अभिभावकों के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। नोएडा के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरटीई एक्ट के तहत मिले आवेदनों कि 16 अलग-अलग विभागों द्वारा जांच की जाती है। यही कारण है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में मिले आवेदनों की जांच का काम अभी भी चल रहा है।
नोएडा के जिलाधिकारी बी एन सिंह ने कहा कि आरटीई के तहत मिले आवेदनों की जांच का मकसद सही मायने में वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है, जबकि इस कानून का लाभ लेने के लिए बहुत से अभिभावक खुद को गलत तरीके से गरीब घोषित कर देते हैं। ऐसे में वास्तव में गरीब बच्चों को उनका हक नहीं मिल पाता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया कि कुछ तथाकथित रूप से “गरीब” अभिभावकों के घरों का बिजली का बिल ही ₹10,000 से अधिक आता है। जबकि ऐसे कई अभिभावकों ने महंगे दामों पर मकान खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि सभी दोषी अभिभावकों के खिलाफ धोखाधड़ी व आरटीई एक्ट के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किए जाएंगे।

व्हाट्सएप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हमारा न्यूज़ चैनल सबस्क्राइब करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Follow us on Facebook http://facebook.com/HamaraGhaziabad
Follow us on Twitter http://twitter.com/HamaraGhaziabad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *