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अगड़ों को आरक्षण – जानिए कौन थे वे तीन सांसद जिन्होंने विरोध में दिया अपना वोट

मंगलवार को लोकसभा ने अगड़ी जाति के परिवारों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था से संबंधित ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक पारित कर दिया। यह संविधान का 124वां संशोधन था। इस विधेयक के पक्ष में 323 मत पड़े, जबकि तीन सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। चर्चा के जवाब से असंतुष्ट अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

विधेयक के जरिये संविधान के 15वें और 16वें अनुच्छेद में संशोधन किए गये। इस विधेयक के कानून बनने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में 10 प्रतिशत तक आरक्षण मिल सकेगा। यह आरक्षण मौजूदा आरक्षणों के अतिरिक्त होगा और इसकी अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत होगी। लोकसभा में बहस के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आदि मौजूद थे।

सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के विरोध में अन्नाद्रमुक के एम थंबिदुरै, आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने वोट डाले। सवर्णों के आरक्षण बिल पर लोकसभा में बोला था कि एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि मैं इस बिल का विरोध करता हूं, यह संविधान में फर्जी है। यह बी.आर. अंबेडकर का अपमान है। यह संविधान की विचारधारा के खिलाफ है।

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