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खनन घोटाला मामले में आईएएस चन्द्रकला की बढ़ीं मुश्किलें, ईडी 24 को करेगा पूछताछ

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में हुए खनन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सभी आरोपियों के खिलाफ धन शोधन (मनी लांड्रिंग) का केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी और चर्चित आईएएस अफसर बी. चंद्रकला और सपा एमएलसी रमेश मिश्र भी आरोपी बनाए गए हैं। ईडी ने बी. चंद्रकला को 24 और रमेश मिश्र को 28 जनवरी को पूछताछ के लिए तलब किया है।

सीबीआई, हाईकोर्ट के आदेश पर इस घोटाले की जांच कर रही है। सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे के आधार पर ही ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसमें ईडी यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि भ्रष्टाचार के जरिए हासिल धन को कहां छिपाया गया। उसे कहीं विदेशों में ले जाकर निवेश तो नहीं किया गया? ईडी की जांच का दायरा घोटाले की अवधि में तत्कालीन सपा सरकार में खनन मंत्री रहे नेताओं तक भी पहुंच सकता है। इस दौरान खनन मंत्री की जिम्मेदारी कुछ महीनों तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास और उसके बाद ज्यादा समय तक गायत्री प्रसाद प्रजापति के पास रही।

इससे पहले अपनी प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई ने जनवरी माह के पहले हफ्ते में ही 2008 बैच की आईएएस बी. चंद्रकला, हमीरपुर के तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, हमीरपुर के तत्कालीन खनन लिपिक राम आश्रय प्रजापति, खनन के लीज होल्डर एवं हमीरपुर के मौदहा निवासी रमेश मिश्र व दिनेश मिश्र, खनन के लीज होल्डर एवं हमीरपुर के कमोखर निवासी अंबिका तिवारी, खनन लीज होल्डर एवं हमीरपुर के सफीगंज निवासी संजय दीक्षित व सत्यदेव दीक्षित, खनन लीज होल्डर जालौन जिले के पिडारी निवासी राम अवतार सिंह, खनन लीज होल्डर जालौन जिले के गणेशगंज निवासी करन सिंह तथा लखनऊ व दिल्ली दोनों स्थानों के निवासी अवैध खनन से जुड़े आदिल खान को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात निजी एवं सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन सभी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 120बी, 379, 384, 420 व 511 के अलावा एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (2) व 13 (1) (डी) लगाई गई है।

नामजद अभियुक्तों में शामिल रमेश मिश्र सपा के एमएलसी हैं, जबकि संजय दीक्षित हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई ने पांच जनवरी 2019 को सभी अभियुक्तों के यहां छापेमारी भी थी। सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम आईएएस चंद्रकला के लखनऊ में हैवलॅक रोड स्थित सफायर कोर्ट अपार्टमेंट के फ़्लैट में गई थी। इसी तरह अलग-अलग टीमें अन्य अभियुक्तों के ठिकानों पर गई थीं।

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