ताज़ा खबर :
prev next

फौज में दूसरी शादी पर सजा तो सिविल में मान्यता क्यों..

1 फरवरी को राजभवन, लखनऊ में राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल
तेजेंद्र पाल त्यागी के नेत्रत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल राज्यपाल रामनायक से मिला था। उन्होंने आग्रह
किया था कि वो भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखे और कहे कि, जब फौज में दूसरी शादी पर सजा मिलती है तो सिविल पर इसको मान्यता क्यों दी जाती है। उन्होंने कहा था कि, राष्ट्रपति तो फौज के सर्वोच कमाण्डर है और सिविल प्रशासन के भी सर्वोच मुखिया है, तो ऐसा क्यों हो रहा है कि बाया हाथ दाहिने हाथ को हेलो क्यों नहीं कर है। इस सम्बन्ध में गवर्नर ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है।

 

व्हाट्सएप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हमारा न्यूज़ चैनल सबस्क्राइब करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Follow us on Facebook http://facebook.com/HamaraGhaziabad
Follow us on Twitter http://twitter.com/HamaraGhaziabad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *