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ऑटो में लूटपाट और मारपीट के बाद पुलिस भी पीड़िता पर नहीं खाई रहम, घंटो थाने के लगवाए चक्कर

हाइवे पर सक्रिय ऑटो गैंग पुलिस को खुली चुनौती दे रहा है। गाज़ियाबाद में तीन दिन में यह दूसरी घटना है। डीयू की छात्रा को ऑटो गैंग ने बंधक बनाकर छेड़छाड़ व लूटपाट की और काफी देर तक ऑटो में घुमाने के बाद सड़क पर चलती ऑटो से फेंक कर फरार हो गए। युवती ने किसी तरह मोबाइल लोकेशन भेज परिजनों को वारदात की सूचना दी।

परिजनों ने तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। आरोप है कि पुलिस बदमाशों की पिटाई और ऑटो से फेंके जाने से घायल छात्रा को तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की बजाय पीड़िता को कभी नोएडा तो कभी घटनास्थल पर घुमाती रही। विजयनगर पुलिस का कहना था कि यह मामला इंदिरापुरम थाना क्षेत्र का है। हालांकि परिजनों के दबाव में आकर अंत में विजयनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।

पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि 12 मार्च की रात करीब 10:10 बजे उनकी बेटी घर जाने के लिए ऑटो में सवार हो गई थी। बदमाश उसे करीब 32 मिनट तक हाइवे पर बंधक बनाकर घुमाते रहे, लेकिन कहीं पुलिस की चेकिंग नहीं थी। रात 10:42 बजे उनकी बेटी बदमाशों के चंगुल से छूटी और मोबाइल से लोकेशन उनके मोबाइल पर भेजी। उन्होंने तत्काल फोन किया तो बदहवास बेटी ने घटना बताई। वह तत्काल बेटी की लोकेशन पर पहुंचे और डायल-100 पर कॉल किया।

छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की जीभ कट गई थी, सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और आंख में चोट लगने से दिखाई देने में दिक्कत हो रही थी। बावजूद इसके न तो उसे अस्पताल ले जाया गया और न ही रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार हुए। छात्रा के ताऊ और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने विरोध जताया पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई शुरू की।
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि  घटना की तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराकर बदमाशों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई है। सीमा विवाद का कोई मामला नहीं है। अगर कोई भी थाना प्रभारी सीमा की बात करता है तो पीड़ित तत्काल उच्चाधिकारियों को फोन करके शिकायत करें। रिपोर्ट तभी दर्ज की जाएगी। बदमाशों के संबंध में काफी सुराग मिले हैं, जल्द ही वारदातों का खुलासा कर लिया जाएगा। अभी तक की जांच से लग रहा है कि दोनों वारदातें एक ही गैंग ने की हैं।

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