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शाबाश इंडिया : सहारनपुर के दीपांश ने बनाई विश्व की सबसे ऊंची साइकिल, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

सच्ची लगन और मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। व्यक्ति को खुद पर विश्वास करना चाहिए और निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए। उत्तर प्रदेश के इस छात्र ने अपनी मेहनत और लगन से आज अपना नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दीपांश तोमर ने दुनिया की सबसे ऊंची (26 फुट) साइकिल बनाकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से भेजा गया सर्टिफिकेट दीपांश को बुधवार को प्राप्त हुआ है। इसके अलावा दीपांश ने ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी आवेदन किया हुआ है।

शहर के जनता रोड स्थित गोविंद विहार निवासी दीपांश तोमर उत्तराखंड विश्वविद्यालय देहरादून में बीएससी कृषि के द्वितीय वर्ष का छात्र है। दीपांश ने बताया कि मार्च 2018 में मैं अपने लैपटॉप पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स देख रहा था, जिसमें पता चला कि दुनिया की सबसे ऊंची साइकिल बनाने का रिकॉर्ड कैलीफोर्निया के व्यक्ति के नाम है, जिसने 22 फुट ऊंची साइकिल बनाई थी।

इसके बाद उसे लगा कि वह 22 फुट से अधिक ऊंची साइकिल बनाई जा सकती है। दीपांश ने ढाई माह के प्रयास से सफलता पाई। इतना ही नहीं, दीपांश ने साइकिल को अपने विश्वविद्यालय परिसर में चलाकर भी दिखाया। विश्वविद्यालय के कृषि विभाग ने उन्हें सम्मानित किया।

इसके बाद दीपांश ने साइकिल चलाने की सीडी और फोटो गिनीज बुक, लिम्का बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए भेजे। सबसे पहले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सर्टिफिकेट मिला। अब तीन अप्रैल 2019 को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से भी सर्टिफिकेट दीपांश के पास पहुंचा है। अभी गिनीज बुक से सर्टिफिकेट आना बाकी है। दीपांश की सफलता से पिता उपेंद्र तोमर और मां रीना तोमर बेहद खुश हैं। इस साइकिल का वजन 90 किलोग्राम है। साइकिल की सीट 22 फुट ऊंची है, जिस पर बैठने के लिए सीढ़ी का सहारा लेना पड़ता है।

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