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हेल्थ टिप्स : पेट के कीड़ों को जड़ से खत्म करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

पेट में कीड़े होना एक आम समस्या है। आमतौर पर ये बीमारी छोटे बच्चों को होती है पर बड़े भी इससे अछूते नहीं हैं। पेट में कीड़े बढ़ जाने पर पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है। व्यस्त जीवन में कई लोग इस समस्या को मामूली समझ कर अनदेखा कर देते हैं। और आगे चल कर यह छोटी सी बीमारी गंभीर स्वरूप ले लेती है। आज हम आपको पेट में कीड़ों की समस्या यानि कृमि रोग ( worm disease) के कारन, लक्षण व इससे बचाव के विषय में विस्तार से बताएँगे।

लक्षण:

  • व्यक्ति सोते हुए अपने दाँत पीसता है
  • कई बार नाक में खुजली होती है
  • मल में सफ़ेद कीड़े दिखना
  • त्वचा में रूखापन आ जाना
  • जीभ का रंग सफेद रहना
  • गालों पर धब्बे दिखना
  • आँखों का लाल रहना
  • हल्का सा बुखार आना
  • पेट दर्द की समस्या रहना
  • मिथली आना
  • भोजन में अरुचि होना
  • शरीर में कमज़ोरी महसूस होना

कारण :

  • भूख ना लगने पर खाना खाने की आदत
  • गंदे हाथों से भोजन खाना
  • मक्खियों से दूषित हुआ भोजन ग्रहण करना
  • अशुद्ध अथवा दूषित पानी पीना
  • शरीर की प्रति रक्षा प्रणाली (immunity system) कमज़ोर पड़ने से

इन चीजों का करें सेवन :

आवला, संतरा, अदरक का रस एवं चटनी, शहद, नींबू, मूंग, पुराने चावल, हींग, अजवायन का रस, अन्नानास का रस, सरसों का साग, राय, जीरा, लौकी, करेला, परवल, तोरई, बथुआ, कांजी, अरहर, और सेब का सेवन करने से कृमि रोग का ज़ोर कम होने लगता है।

आयुर्वेदिक उपचार :

  • 50 ग्राम सोनामक्खी, 50 ग्राम गुलकंद, 20 ग्राम मुनक्का, 20 ग्राम शहद, 20 ग्राम हरड़ की छाल, 20 ग्राम सौठ, इन चारों को मिश्रित कर के छोटी छोटी गोलीयां तैयार कर लीजिये। इन गोलियों को दूध के साथ लेना अत्यंत लाभदायक होता है। इस प्रयोग से कुछ ही दिन में पेट के कीड़े मर जाते हैं। इन गोलियों को दिन में दो से तीन बार ले सकते हैं।
  • चीनी, नमक और कली का चूना- तीनों को 2-2 ग्राम ले लीजिये, और 200 ml पानी में डाल दीजिये। अब उस पानी में से 20 मिली लीटर पानी… पियें कुछ दिन इस प्रयोग को लगातार करने से कृमि रोग दूर होगा।
  • जैतून का तेल और तेजपाल समान मात्रा में ले कर इसे मिला लेने से और इस मिश्रित तेल को गुदा द्वार पर लगा लेने से कृमि रोग में राहत मिलती है। 3 ग्राम गुड़ लें उसमें कबीला मिला लें इन दोनों को साथ खाने से भी पेट के कीड़े दूर होंगे। प्याज का रस पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। प्याज के रस में सेधा नमक मिला कर पीने से अधिक लाभ होता है। प्याज का रस शहद के साथ मिला कर पीने से भी कृमि रोग में लाभ होगा।
  • कृमि रोग दूर करने के लिये काली मिर्च भी उत्तम उपाय है। 20 से 25 ग्राम पुदीने के साथ 10 ग्राम काली मिर्च के चूरन को छाछ के साथ पी लें। इस प्रयोग को एक हफ्ते तक लगातार करने से पेट में उपस्थित कृमि नष्ट हो जाते हैं।
  • गुड़ और लहसुन समान मात्रा में लेकर खाने तथा दिन में दो बार सेंधा नमक वाली लसुन की चटनी खाने से भी कीड़े मरते हैं।
  • छाछ में लहसुन के रस की कुछ बूंदें मिला कर पीने से इस रोग में राहत हो जाती है। यह प्रयोग दिन में दो से तीन बार करें।
  • एक सप्ताह तक आंवले का रस दिन में तीन बार पीने से पेट के कीड़े दूर हो जाते हैं।
  • बथुआ को गरम पानी में उबाल कर उसका रस निकाल कर पीने से पेट के कीड़े नाश होते हैं। तुलसी के पत्तों का काढ़ा बना कर पीने से कृमि मर जाते हैं।
  • बायविडंग तथा सौठ को साथ में पीस कर चूर्ण बना कर उसे शहद के साथ लेने पर पेट के कीड़े दूर होते हैं।
  • अखरोट को गरम दूध के साथ पिये तथा प्रतिदिन भी पी सकते हैं, इससे काफी लाभ होता है।
  • कद्दू के रस और संतरे के रस को रोज़ाना पीने से पेट के कीड़े नाश होते हैं।
  • शहद के साथ काले ज़ीरे का चूर्ण लेने से पेट के कीड़े साफ होते हैं।
  • हींग खाने से पेट के कीड़े मरते हैं। हींग में थोड़ा पानी मिला कर गुदा मार्ग पर लगाने से भी राहत होती है।
  • खाली पेट गाजर का रस पीने से तथा चुटकी भर नमक डाल कर एक गिलास पानी पीने से भी पेट के कीड़े मरते हैं।
  • नीम, हल्दी तथा त्रिफला तीनों को समान मात्रा में ले कर मिला लें और फिर इस चूरन का सेवन करें इस चूरन के सेवन से पेट के कीड़े मरेंगे।
  • चमेली के पत्तों को पीस कर उसका रस निकाल कर उसे पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • कच्चे आम की गुठलीयों का चूरन बना कर उस चूरन को दिन में दो बार ग्रहण करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • गुड़ में अजवायन का बारीक चूर्ण मिला कर उस का सेवन करने से पेट के कीड़े दूर होते हैं।
  • इंद्रजौ को ठीक से पीस कर उसका चूरन लेने से भी कीड़े दूर होते हैं।
  • एरण्ड (Spurges) के पत्तों का रस निकालें, फिर उस रस में थोड़ी हींग मिश्रित करें, इस प्रयोग से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • नीम की छाल का काढ़ा, चिरायता, तुलसी का रस, तथा नीम का तेल मिला कर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • गौमूत्र के साथ पीसी हुई राई का चूरन लेने से भी कृमि रोग दूर होगा। राई का चूरन एक या आधा चम्मच 100ml गौमूत्र के साथ घोल कर पी जाएँ।
  • एरण्ड (Spurges) के तेल के साथ भांगरे का पिसा हुआ चूर्ण लेने पर भी पेट के कीड़े दूर होते हैं।
  • मूली खाने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • भोजन लेने के करीब आधे घंटे बाद एक गिलास गुनगुना गरम पानी पीने से पेट के कीड़े मर सकते हैं। याद रहे कि पानी ठंडा भी ना हों और अधिक गरम भी ना हों।
  • गिलोय के चूर्ण में अश्वगंधा का चूर्ण मिश्रित कर के उसे शहद के साथ लेने से पेट के कीड़े मरते हैं और कृमि रोग के के कारण उत्पन्न हुए पेट दर्द से भी राहत मिलती है।

 

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