ताज़ा खबर :
prev next

मजदूर दिवस पर गूंजे मजदूर एकता के नारे

गाज़ियाबाद में सहभागी शिक्षण केन्द्र द्वारा टाटा ट्रस्ट, मुंबई के सहयोग से नासिरपुर लेबर चौक स्थित आश्रय गृह में प्रवासी श्रमिकों के साथ मजदूर दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘दुनिया के मजदूरों एक हो’ के नारे के साथ हुई।
कार्यक्रम में में बड़ी संख्या में राजमिस्त्री, पेंटर, बेलदार एवं अन्य प्रवासी श्रमिक शामिल हुए। इस दौरान बताया गया कि 1 मई को मजदूर दिवस क्यो मनाते है? कार्यक्रम में कृष्णकुमार गुप्ता ने बताया कि 1 मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को मजदूरों का दिन बोलते है। यह पूरे विश्व मे अंतरराष्ट्रीय तौर पर मनाया जाता है। मजदूर दिवस पर एक प्रचलित नारा भी सुनाई देता है, जो शायद ही वर्ष के किसी और दिनों में सुनाई देता हो। यह नारा है ‘दुनिया के मजदूरों एक हो’। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि, मजदूर दिवस के दिन तो यह नारा बुलंद करना चाहिए लेकिन जैसे जैसे समय गुजरता जाता है, वैसे वैसे इसकी गूंज मंदी पड़ती जा रही है।
‘दुनिया के मजदूरों एक हो’ इस नारे के पीछे मजदूरों के एक लंबे संघर्ष की कहानी है, और इसी की उपज है जो आज भारत में मजदूर दिवस श्रमिकों के सम्मान में मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में मौजूद सभी श्रमिकों को धन्यवाद किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *