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रिश्वत मांगने के आरोप में महिला थाने की दरोगा निलंबित

मुकदमे की धमकी देकर वसूली करने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद एसएसपी ने एक और दरोगा को निलंबित कर दिया है। इस बार महिला थाने की दरोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। संदिग्ध हालात में महिला को नींद की गोलियां खाने के मामले में आरोपी पति से रिश्वत मांगने के आरोप में महिला थाने में तैनात दारोगा प्रीति गर्ग को निलंबित कर दिया गया है। आरोप था कि धारा हटाने के नाम पर दारोगा एक लाख रुपये की मांग कर रही थीं। मामले में पीड़ित की शिकायत के आधार पर एसएसपी ने सोमवार शाम आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया।

मुजफ्फरनगर के नई मंडी में रहने वाले अनुज शर्मा का पत्नी सोनिया से विवाद चल रहा है। सोनिया मोदीनगर स्थित अपने मायके में रह रही है। अनुज ने बताया कि एक साल पूर्व सोनिया ने नींद की गोलियां खा ली थीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में मायका पक्ष ने अनुज व उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामला महिला थाने में ट्रांसफर हुआ। दो माह पूर्व महिला थाने में तैनात दारोगा प्रीति गर्ग को उनके मामले की विवेचना सौंपी गई। आरोप है कि प्रीति गर्ग ने उन्हें जांच के नाम पर बुलाया। वह महिला थाने पहुंचे तो कहा कि मुकदमे में से धारा 328 को हटाई जा सकती है। अनुज ने पूछा कि इसके लिए क्या करना होगा तो दारोगा ने कहा कि खर्चा होगा इसमें। रकम के बारे में पूछने पर उन्होंने एक कागज पर ही लिख दिया कि एक लाख रुपये लगेंगे।

अनुज के मुताबिक वह निजी कंपनी में छोटी जॉब करते हैं और इतने रुपये का इंतजाम नहीं कर सकते। इसीलिए उन्होंने दारोगा को जवाब नहीं दिया। आरोप है कि प्रीति उन्हें अक्सर फोन कर जेल भेजने का डर दिखाने लगीं। कभी रात के 10 बजे तो कभी 11 बजे। बचने के लिए अनुज ने आने में असमर्थता जताई तो खुद मुजफ्फरनगर आने की बात कही। आरोप है कि दरोगा ने बहन, जीजा, मम्मी व पापा को भी जेल भेजने की धमकी दी। साथ ही कहा कि इस धारा में सात साल तक जेल में बंद रहना पड़ेगा। इससे परेशान होकर अनुज ने बीते हफ्ते एसएसपी को शिकायत दी। अनुज ने एसएसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। यदि मदद नहीं होगी तो वह आत्महत्या कर लेंगे।

एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि, अनुज की शिकायत पर जांच कराई तो प्रथम दृष्टया दारोगा पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। प्रीति गर्ग को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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