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मनमानी करने वाले स्कूलों की एनओसी निरस्त की जाए

गाज़ियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन अब जिला शुल्क नियामक कमेटी यानि डीएफआरसी के विरोध में उतर गई है। आरोप है कि कमेटी द्वारा नियमों को ताक पर रख कर मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं।
एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि डीएफआरसी के निर्णय प्राइवेट स्कूलों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं। फीस अधिनियम 2018 के अनुसार किसी भी अधिकारी को अपनी स्वेच्छा से कमेटी का गठन का अधिकार नहीं दिया गया है लेकिन फिर भी कमेटी में सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई है।
उन्होंने बताया कि डीपीएस स्कूल की प्रधानाचार्या द्वारा एक दिव्यांग छात्रा को एडमिशन नहीं दिया गया था उसे भी कमेटी में रखा गया है, ऐसे में कमेटी की निष्पक्षता पर खुद ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इतना ही डीएफआरसी जिन स्कूलों पर जुर्मान लगा रही है, वहीं कोर्ट जाकर इनके खिलाफ स्टे ले आता है। डीएफआरसी खुद अपने निर्णयों में मानती है कि एसी चार्ज फीस का हिस्सा नहीं है न ही स्कूल द्वारा बच्चों को पूरे साल एसी की सुविधा दी जाती है, मगर डीएफआरसी ने सालाना एसी चार्ज को फीस में जोड़ दिया है। इसके अलावा बढ़ी हुई फीस न देने पर बच्चों के नाम स्कूलों से काट लिए थे।
पैरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वह अधिनियम के तहत कमेटी का गठन करें और वर्तमान कमेटी को तत्काल भंग किया जाए व मनमानी करने वाले स्कूलों की एनओसी तत्काल कैंसिल कर दी जाए। इस मौके पर अनिल सिंह, मनीष नेगी, भारती शर्मा आदि पैरेंट्स मौजूद रहे।

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