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बेहद शर्मनाक : डॉक्टरों ने इलाज के लिए 2 घंटे तक पिता को घुमाया, मासूम की मौत

गाज़ियाबाद जिला एमएमजी अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी लापवाही सामने आई है। इलाज न हो पाने के चलते गंभीर रूप से बीमार सवा महीने के मासूम की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने बताया कि, अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे के पिता को रुपये की पर्ची बनवाने के लिए 2 घंटे तक दौड़या। डॉक्टरों ने बिना पर्ची बनवाए उसका इलाज करने से मना कर दिया। जिससे बच्चे की मौत हो गई।

डासना मसूरी के बसंतगढ़ी गांव निवासी इरशाद अपने सवा महीने के बच्चे को शरीर नीला पड़ने के कारण इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आये थे। हालत गंभीर होने के कारण बच्चे को लेकर परिजन इमरजेंसी में पहुंच गए, लेकिन वहां तैनात चिकित्सक ने देखे ही अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जाने के लिए बोल दिया। उधर, बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंचने पर पता चला कि निजी चिकित्सक हड़ताल पर हैं और मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई है। जब वे ओपीडी में जाने की कोशिश किये तो अन्य मरीजों ने उन्हें रोक दिया। आधे घंटे बाद जब उनका नंबर आया तो चिकित्सक ने उन्हें पहले एक रुपये की पर्ची बनवाने को कहा। परेशान पिता इधर-उधर भटकता रहा लेकिन किसी डॉक्टर ने एक न सुनी। पर्ची बनवाने के लिए भी मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। किसी तरह आधे घंटे बाद जब वह पर्ची बनवाकर लौटे तो चिकित्सक ने बच्चे की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए उसे दोबारा इमरजेंसी में ही दिखाने के लिए भेज दिया। दोबारा जब वह इमरजेंसी पहुंचे तो चिकित्सक ने उन्हें बच्चे की हालत बेहद गंभीर बताया और दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन लिखित में रेफर नहीं किया।

आनन-फानन में परिजन मासूम को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। जहां बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जाने से पहले उसे एक बार फिर पर्ची बनवाने के लिए बोल दिया गया। यहाँ भी पिता ने पर्ची बनवाई लेकिन काफी देर हो चुकी थी, मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत से सदमे में आकर माँ बेहोश हो गईं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे एमएमजी अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के कारण 2 घंटे यानी 12 बजे तक इलाज नहीं मिला। पीड़ित पिता का कहना है कि वह मजदूर वर्ग हैं, इसलिए उसके बच्चे का इलाज नहीं हो सका।

गाज़ियाबाद, सीएमओ, डॉ. एन.के. गुप्ता ने बताया कि, अभी मामला संज्ञान में नहीं है। एमएमजी अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ की जाएगी। उधर एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. रविंद्र राणा का कहना है कि इस मामले पर चिकित्सकों से पूछताछ की जाएगी। दंपती अगर लिखित में कोई शिकायत देगा तो कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

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