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टाइप 2 डायबिटीज़ के कारण बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, महिलाओं की स्थिति ज्यादा गंभीर

टाइप 2 डायबिटीज और कैंसर दोनों ही लाइफस्टाइल (जीवनशैली) से जुड़ी बीमारियां हैं। हाल में चीन में एक शोध किया गया, जिसमें इस बात का पता लगाया गया कि टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को किन कैंसरों का खतरा होता है। अध्ययन में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज के कारण पुरुषों को 11 तरह के कैंसरों का खतरा होता है, जबकि महिलाओं को 13 तरह के कैंसरों का खतरा होता है। दुनियाभर में टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत की 8.7% से ज्यादा जनसंख्या डायबिटीज का शिकार है। ऐसे में डायबिटीज और कैंसर के बीच संबंध की ये रिपोर्ट खतरनाक संकेत है।

3 साल से ज्यादा चली रिसर्च

श्री जगन्नाथ चेरिटेबल कैंसर हॉस्पिटल के आंकोलाजिस्ट डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि ये शोध जर्नल ऑफ डायबिटीज के मई 2019 एडिशन में छपा है। इस अध्ययन में पिछले कई रिसर्च का हवाला देते हुए बताया गया है कि डायबिटीज और कैंसर आपस में किस तरह जुड़े हुए हैं। इस अध्ययन के लिए टाइप 2 डायबिटीज के शिकार 410,191 लोगों को चुना गया, जिन्हें अध्ययन के समय किसी भी प्रकार का कैंसर नहीं था। ये अध्ययन जुलाई 2013 से दिसंबर 2016 तक किया गया, जिसमें कई मरीजों में कैंसर के खतरे पाए गए।

महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा खतरा

शोधकर्ताओं ने पाया कि टाइप 2 डायबिटीज का शिकार पुरुषों में कैंसर होने की संभावना 34 प्रतिशत थी, जबकि टाइप 2 डायबिटीज का शिकार महिलाओं में कैंसर की संभावना 62 प्रतिशत से भी ज्यादा थी। इस अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने ये निष्कर्ष निकाला कि महिलाओं के लिए डायबिटीज ज्यादा खतरनाक रोग हो सकता है, क्योंकि उन्हें अपने जीवनकाल में डायबिटीजके साथ-साथ कैंसर जैसे गंभीर रोग का भी सामना करना पड़ सकता है।

पुरुषों को होने वाले सामान्य कैंसर
इस अध्ययन के अनुसार पुरुषों को सबसे ज्यादा खतरा प्रोस्टेट कैंसर का होता है। इसके अलावा ब्लड कैंसर या खून का कैंसर (ल्यूकीमिया), त्वचा का कैंसर (स्किन कैंसर), थायरॉइड कैंसर, लिम्फोमा कैंसर, किडनी कैंसर (गुर्दे का कैंसर), लिवर कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, लंग कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर (मलाशय का कैंसर) और पेट के कैंसर का खतरा होता है।

महिलाओं को होने वाले सामान्य कैंसर
इस अध्ययन के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज का शिकार महिलाओं में सबसे ज्यादा खतरा गले के कैंसर (नैसोफैरिंगियल कैंसर) का होता है। इसके अलावा लिवर कैंसर, एसोफेगल कैंसर, थायरॉइड कैंसर, फेफड़ों का कैंसर (लंग कैंसर), पैंक्रियाटिक कैंसर, लिम्फोमा, यूटेराइन कैंसर (गर्भाशय या बच्चेदानी का कैंसर), कोलोरेक्टल कैंसर (मलाशय का कैंसर), ब्लड कैंसर या खून का कैंसर (ल्यूकीमिया), ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और पेट का कैंसर का खतरा होता है।
मोटापे के साथ डायबिटीज होने पर कैंसर का ज्यादा खतरा
डॉ. ऋषि ने बताया कि डायबिटीज के उन मरीजों को कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा तब होता है, जिनका वजन ज्यादा होता है। दरअसल मोटापा शरीर के अंगों को कई तरह से प्रभावित करता है। जीवनशैली से जुड़े तमाम रोगों का सबसे बड़ा कारण भी मोटापा ही है। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि अगर आप 30-35 साल की उम्र तक अपना वजन कंट्रोल कर लेते हैं और रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज करते हैं, तो आपको डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसे रोगों का खतरा बहुत कम हो जाता है।

आपको बता दें कि श्री जगन्नाथ धर्मार्थ कैंसर अस्पताल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एकमात्र धर्मार्थ चिकित्सालय है। यहाँ कुशल व अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में अत्याधुनिक मशीनों द्वारा कैंसर का इलाज काफी कम दरों पर किया जाता है। यह अस्पताल कैंसर चैरिटेबल सोसायटी, गाज़ियाबाद द्वारा संचालित है। सोसायटी के संगठन सचिव डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि बहुत से मामलों में यदि कैंसर पीड़ित इलाज का खर्चा उठाने में सक्षम नहीं है तो उसके इलाज का खर्चा आमजन से चंदा एकत्र कर किया जाता है।

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