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15 दिन में नहीं लगाए छायादार वृक्ष तो नक्शा निरस्त : कंचन वर्मा

गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर निर्धारित संख्या में पेड़ नहीं लगाना ग्रुप हाउसिंग, सोसायटियों और आवासीय भूखंड मालिकों को भारी पड़ सकता है। 15 दिनों के भी निर्धारित संख्या में पेड़ नहीं लगाने पर पहले नोटिस और फिर नक्शा निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। महानगर में बढ़ते प्रदूषण के ग्राफ और घटती हरियाली को लेकर शासन के निर्देश पर जीडीए ने कड़ी कार्रवाई शुरू की है।

बिल्डिंग बायलॉज के तहत आवासीय भूखंडों में 200 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल में छायादार एक पेड़ लगाना होगा। 301 से 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड में लोगों को चार, 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखंड में 1000 वर्ग मीटर पर एक-एक पेड़ और ग्रुप हाउसिंग योजना में प्रति हेक्टेयर पर 50 छायादार पेड़ लगाने होंगे। नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों में प्रति 80 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर एक पेड़ और व्यावसायिक भूखंडों में प्रति 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर एक पेड़ लगाना होगा। इसी के तहत संस्थागत, सामुदायिक सुविधाएं, क्रीड़ा स्थल, खुले क्षेत्र और पार्कों के लिए निर्धारित सीमा निर्धारित की गई है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम 20 प्रतिशत भाग पर ग्रीनरी होगी, जहां एक हेक्टेयर पर 125 पेड़ की दर से पेड़ लगाने होंगे। ऐसे में निर्धारित संख्या में पौधे लगाने के लिए जीडीए ने भूखंड मालिकों को दो सप्ताह का समय दिया है। इसके बावजूद अगर निर्धारित संख्या में पेड़ नहीं लगाए जाते हैं तो पहले ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जाएगा। फिर भी कदम न उठाने पर उनके नक्शे को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अगर जीडीए की कार्रवाई सफल होती है तो महानगर में हरियाली के बढ़ने के साथ बढ़ते प्रदूषण पर कुछ हद तक राहत पाई जा सकेगी।

उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने बताया कि आवासीय, व्यवसायिक व औद्योगिक भूखंडों को नियमानुसार पेड़ लगाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। ग्रुप हाउसिंग व आवासीय भूखंडों में लोगों को सजावटी के साथ छायादार पेड़ लगाने होंगे। दो सप्ताह का समय बीतने के बाद जीडीए की टीम जोन वार सर्वे अभियान शुरू करेगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस और जवाब नहीं देने पर नक्शा निरस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

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