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गाज़ियाबाद के राशन दुकान संचालक गए हड़ताल पर, 7 लाख कार्ड धारकों की बढ़ी परेशानियाँ

राशन वितरण को लेकर डीलर्स एसोसिएशन और जिला प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक वितरण के लिए राशन नहीं उठाया जाएगा। वहीं, जिला आपूर्ति विभाग का कहना है कि अगर डीलर राशन वितरण नहीं करेंगे तो उनपर ऐक्ट के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। अगर डीलर्स हड़ताल पर रहते हैं तो जिले के करीब 7 लाख राशन कार्ड धारकों को परेशानी होगी। इसकी वजह से अगले महीने लोगों को राशन नहीं मिल सकेगा।

पिछले दिनों यूपी राशन डीलर्स असोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कमीशन बढ़ाने की मांग की थी। डीलर्स ने बताया कि एक कुंतल राशन वितरण पर सरकार केवल 70 रुपये कमीशन देती है। इसी में दुकान का किराया, राशन को दुकान तक लाना और बिजली बिल आदि होता है। एसोसिएशन ने 200 रुपये प्रति कुंतल कमीशन या फिर 30 हजार रुपये प्रति महीना सैलरी की मांग की।

एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास शर्मा का कहना है कि गाजियाबाद में भी डीलर इस महीने राशन कोटा नहीं उठाएगा। जिले में शहरी और देहात एरिया में कुल 540 राशन डीलर हैं। इन्हें वितरण के लिए हर महीने 368 किलो लीटर मिट्टी का तेल, 425561 किलो गेहूं और 28731 किलो चावल वितरण किया जाता है। एसोसिएशन ने घोषणा की है कि कोई भी राशन डीलर इस बार राशन नहीं उठाएगा। मांगे पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

ऐक्ट के हिसाब से होगी कार्रवाई
जिला आपूर्ति विभाग के एआरओ अश्विनी कुमार ने बताया कि राशन वितरण अनिवार्य है। डीलर्स की कुछ मांगे हैं। इन सभी मांगों के संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, जो भी मांगे हैं वह शासन स्तर की है। जिला स्तर की मांगे नहीं है। इसके बाद भी अगर कोई राशन डीलर अपना निर्धारित कोटा नहीं उठाएगा तो एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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