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IMT Ghaziabad – काम न आई राजनैतिक पहुँच, जमीन वापस चाहते हैं तो चुकाने होंगे ₹60 करोड़

शुक्रवार को लखनऊ में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आइएमटी) की जमीन का आवंटन पुनर्बहाल करने के मामले में प्रमुख सचिव आवास ने सुनवाई की। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने दो टूक पक्ष रखा कि वह वर्तमान सर्किल रेट लेकर ही जमीन पुनरावंटित कर सकते हैं, जो कि करीब 60 करोड़ रुपये होती है। वहीं, आइएमटी प्रबंधन ने पुरानी दर पर ब्याज लगाकर जमीन की कीमत तय करने का प्रस्ताव रखा। दोनों के पक्ष के आधार पर जल्द प्रमुख सचिव आवास निर्णय लेंगे, जिसे इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ आइएमटी के प्रेसिडेंट हैं।

बता दें कि आइएमटी को राजनगर सेक्टर-20 में वर्ष 1981 में आइएमटी को 11503.34 वर्ग गज जमीन आवंटित की गई थी। तब आइएमटी को 1.95 लाख रुपये देने थे। आवंटन के बाद आइएमटी ने भुगतान नहीं किया। वर्ष 1994 तक जीडीए की तरफ से लगातार भुगतान के संबंध में नोटिस भेजा गया। आश्चर्यजनक रूप से फिर जीडीए भी पैसा मांगना भूल गया और आइएमटी ने भी भुगतान नहीं किया।

इस मामले में पार्षद राजेंद्र त्यागी ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। उसके बाद जांच कराई गई। जांच में आरोप सही मिलने पर जीडीए ने इस जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ आइएमटी प्रबंधन इलाहाबाद हाई कोर्ट गया। वहां से आदेश हुआ था कि आइएमटी प्रबंधन पहले पांच करोड़ रुपये जीडीए में जमा कराए। प्रमुख सचिव आवास आइएमटी प्रबंधन के प्रत्यावेदन पर निर्णय करें। आइएमटी प्रबंधन ने इस आदेश का पालन करते हुए धनराशि जमा करा दी। साथ ही प्रमुख सचिव आवास के यहां दो अर्जियां लगाईं। एक में कहा कि वर्ष 1981 की दर पर ब्याज लगाते हुए निरस्त आवंटन को पुनर्बहाल कर दिया जाए। दूसरी अर्जी में तोड़फोड़ न करने की मांग की है। इस मामले में प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने शुक्रवार को सुनवाई की।

जीडीए ने आइएमटी प्रबंधन की गुजारिश को नकारते हुए कहा कि पुरानी दर पर ब्याज लगाकर आवंटन को पुनर्बहाल करना मुमकिन नहीं। वर्ष 1999 के शासनादेश से स्पष्ट है कि आवंटन पुनर्बहाली के वक्त जमीन की वर्तमान सर्किल रेट पर कीमत तय की जाती है। जीडीए के मुताबिक वर्तमान सर्किल रेट पर 11503.34 वर्ग गज जमीन की कीमत करीब 60 करोड़ रुपये बनती है। जीडीए की तरफ से रखे गए पक्ष में कहा गया है कि वर्तमान सर्किल रेट पर जमीन की कीमत निर्धारित करके आइएमटी को आवंटन पुनर्बहाल किया जा सकता है। वर्ष 1999 के आवंटन पुनर्बहाली के संबंध में जारी हुए शासनादेश को आधार बनाकर तर्क रखा गया है।

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