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फाइन की राशि बढ़ते ही लगी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़, गाज़ियाबाद में नंबर आयेगा 3 महीने बाद

अभी तक बहुत से लोग बिना ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के ही गाड़ी चला रहे थे मगर संशोधित मोटर व्हिकल एक्ट 2019 लागू होने के बाद बढ़े फाइन के डर से वे सभी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की लाइन में लगे हैं। यदि आप आरटीओ गाज़ियाबाद में लाइसेंस के लिए एप्लाई कर रहे हैं तो आपको अभी तीन महीने तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ही निर्भर होना पड़ेगा।

बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पिछले 7 दिनों में में डीएल के लिए करीब 28 हजार आवेदन आए हैं। इनमें से करीब 14 हजार आवेदन लर्निंग लाइसेंस के लिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से लोगों को बायोमीट्रिक के लिए 3 महीने बाद की डेट मिल रही है।

पहले जहां हर रोज आरटीओ ऑफिस में 210 लर्निंग लाइसेंस, 210 परमानेंट डीएल और 260 केस डीएल रिन्युअल व डुप्लिकेट लाइसेंस के आते थे। अब यह संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। लाइसेंस बनवाने वालों को लंबी लाइन लग रही है। अधिकारी बताते हैं कि पहले 1 दिन में डीएल की हर कैटिगरी से जुड़े 210 मामलों की स्क्रीनिंग होती थी, लेकिन अब यह संख्या 500 से 600 तक पहुंच गई है। पहले 30 दिन के अंदर लर्निंग लाइसेंस के लिए डेट मिल जाती थी, लेकिन अब वेटिंग टाइम 90 दिन का हो गया है।

रिन्युअल और डुप्लिकेट लाइसेंस के आवेदन अधिक
संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस भीड़ में रिन्युअल और डुप्लीकेट लाइसेंस वालों की संख्या अधिक बढ़ी है। अब ऐसे लोग ज्यादा आ रहे हैं जिनके लाइसेंस की वैधता कई महीने पहले खत्म हो चुकी थी, लेकिन सख्ती न होने की वजह से वे ऐसे ही चल रहे थे। अब जब नियम कड़े हो गए हैं, तो ये सभी लाइसेंस रिन्यू करा रहे हैं। इसी वजह से डुप्लीकेट लाइसेंस के आवेदन भी बढ़े हैं।

400 से अधिक लोग डीएल बनने के बाद भी फंसे हैं

जिले के करीब 400 लोग डीएल बन जाने के बाद भी फंसे हैं। दरअसल इनका लाइसेंस बना था और इसे स्पीड पोस्ट से उनके पते पर भेजा गया लेकिन घर पर आवेदक के नहीं मिलने की वजह से लखनऊ वापस चला गया है। ऐसे लोग अब तक लापरवाह बने थे, लेकिन सख्ती के बाद अब ये लोग भी आरटीओ ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। अभी शासन स्तर पर इन लाइसेंसों को दोबारा भेजने पर फैसला नहीं हो पा रहा है।

विश्वजीत प्रताप सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)
का कहना है कि संशोधित मोटर वीइकल एक्ट-2019 के आने के बाद पहली बार 3 महीने का टाइम स्लॉट फुल हो गया है। अब यदि कोई मंगलवार को डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करता है तो उसे बायोमीट्रिक करवाने का मौका तीन महीने बाद ही मिलेगा।

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