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यूपी के इन 18 शहरों में बेची जा रही है जहरीली सब्जियां, असलियत जानकर चौंक जाएँगे आप

नोएडा। जरूरी नहीं की बाज़ार में बिक रहा चमकदार ताज़ा हो। यह भी कोई जरूरी नहीं कि दूर से हरी नज़र आ रही मटर और मेथी भी अंदर से उतनी ही ताज़ा और हरा-भरा हो। ये हम नहीं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) कह रहा है। एफएसडीए की जांच में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में सब्जियों को ताजा और हरा दिखाने के लिए रंगों से धोया जा रहा है। वहीं अदरक को चमकदार दिखाने के लिए तेजाब से नहलाया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव अनीता जैन भटनागर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम को तैयार किया गया है। अलग-अलग शहरों में बनी एफएसडीए की टीम ने अगस्त महीने में लगातार सब्जी बाज़ार में छापेमारी की। पूरे राज्य से सब्जियों के 600 सैंपल लिए गए। सभी सैंपल को अलग-अलग लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच के बाद 600 में से 32 नमूने फेल पाए गए।

जानकारों की मानें तो एफएसडीए ने जो सैंपल लिए थे उसमें से 32 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह सभी 32 सैंपल यूपी के 18 अलग-अलग शहरों के हैं। जिन शहरों में सब्जी के सैंपल फेल हुए हैं उनमें गाज़ियाबाद, कानपुर देहात, जालौन, आगरा, मुरादाबाद, संभल, हाथरस, इटावा, हरदोई, कासगंज, मैनपुरी, अमरोहा, फिरोजाबाद, रामपुर, झांसी, मुजफ्फरपुर, औरेय्या और सिद्धार्थनगर शामिल हैं।

टीम से जुड़े जानकार बताते हैं सैंपल के लिए सिर्फ बाज़ार में ही छापेमारी नहीं की गई, बल्कि कुछ किसानों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए। जब छापा मारा गया तो उस वक्त सब्जी उगाने वाले कुछ किसानों ने पानी की बड़ी-बड़ी टंकियों में हरा रंग घोलकर रखा हुआ था। उसी रंग में वो सब्जियों को धो रहे थे। जिसमे प्रमुख रूप से हरी मटर, परवल, पालक, मैथी, तोरई, करेला आदि थे।

छापा मारने वाली टीम की मानें तो कुछ किसान और सब्जी बेचने वाले दुकानदार बैंगन, शिमला मिर्च और लौकी पर स्प्रे करते हैं। स्प्रे करने से सब्जियों पर चमक आ जाती है। वहीं चमक आने के चलते सब्जी ताज़ा लगने लगती है। जांच टीम को मौके पर कई कंपनियों के ट्रांसपेरेंट से दिखने वाले स्प्रे भी मिले।

जांच टीम ने बताया कि छापेमारी के दौरान बाज़ार में कई जगह चमकदार, साफ-धुली हुई और हल्की पीली दिख रही बिना छिलके वाली अदरक भी बिकती हुई मिली। मजे की बात है कि ये अदरक 20 रुपये किलो मिल रही उस सामान्य अदरक से सस्ती थी जो दिखने में मटमैली और छिलकेदार थी। जब अदरक का सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया तो सामने आया कि अदरक पर तेजाब की परत चढ़ी हुई थी। यह परत तब चढ़ी जब अदरक को चमकदार और ताज़ा बनाने के लिए तेजाब से धोया गया था।

 

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