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पूर्व एसएचओ के सरकारी आवास पर छापा, सवा लाख रूपये बरामद

गाज़ियाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस के कारनामे पर डीजीपी की सख्ती के बाद मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को दिन में जांच अधिकारी सीओ द्वितीय ने थाने पहुंच सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वहीं, देर रात एसपी सिटी के निर्देशन में लिंक रोड थाने की पूर्व एसएचओ लक्ष्मी चौहान के सरकारी आवास पर छापामारी की गई। अधिकारियों के मुताबिक आवास से सवा लाख रुपये बरामद हुए हैं, जो बरामदगी की रकम में से डकारे गए 70 लाख का हिस्सा है।

गौरतलब है कि साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी एटीएम में कैश डालने का काम करती है। कंपनी ने 22 अप्रैल को लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान पर करीब 72.50 लाख रुपये गबन करने का केस दर्ज कराया था। कंपनी की जांच में मामला साढ़े तीन करोड़ रुपये के गबन का निकला।

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पुलिस ने गत मंगलवार रात राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए थे, लेकिन पुलिस ने फर्द में महज 45 लाख 81 हजार 500 रुपये बरामदगी दिखाई। 70 लाख की गड़बड़ी सामने आने पर एसएसपी ने लिंक रोड की एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। साथ ही सभी के खिलाफ लिंक रोड पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से सातों पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं। शुक्रवार देर रात पुलिस टीम ने लिंक रोड थाने में लक्ष्मी चौहान के आवास पर छापामारी की। वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच आवास का कोना-कोना खंगाला गया। सर्चिंग के दौरान आवास से करीब सवा लाख रुपये बरामद हुए, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया।

एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान के सरकारी आवास से करीब सवा लाख रुपये बरामद हुए हैं। इसके अलावा अन्य सबूत भी मिल गए हैं, जो इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान के आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। एसपी सिटी ने बताया कि सभी पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं। सबूत मिलने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। मुकदमे में शामिल पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज होने हैं, लेकिन सभी के फरार होने के चलते विभागीय जांच में उन पर आरोप सिद्ध किया जा सकता है। इसी कड़ी में पुलिस की टीमें आरोपी पुलिसकर्मियों के पैतृक स्थानों पर भी भेजी गईं, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा।

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