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11 साल की आयु में कोच बनी बेटी, तो गृहणी मां ने लगाई पदकों की झड़ी

जींद। महज 11 साल की बेटी कनुप्रिया ने कोच की भूमिका निभाई तो मां लवली ने फेंसिंग (तलवारबाजी) के खेल में प्रदेश स्तर पर पदकों की झड़ी लगा दी। अब निशाने पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं हैं। हरियाणा के जींद की रहने वाली बेटी कनुप्रिया और मां लवली की हर कोई तारीफ कर रहा है। 40 वर्षीय गृहिणी लवली चावला अब फेंसिंग के खेल में राज्य स्तर की खिलाड़ी बन गई हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने पदकों की झड़ी लगा दी। अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए विधिवत ट्रेनिंग ले रही हैं।

बिटिया के साथ अभ्यास शुरू किया

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी डॉ. एके चावला की पुत्रवधू लवली ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कुछ समय इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाया भी है। विवाह के बाद गृहिणी और फिर मां की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शाम को अपनी 11 साल की बेटी कनुप्रिया को फेंसिंग सिखाने ले जाती हैं। बेटी को खेलता देखकर और बेटी के आग्रह पर उसे प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने बिटिया के साथ अभ्यास शुरू किया। मकसद था बिटिया का अभ्यास कराना। लेकिन देखते ही देखते कब बिटिया खुद उनकी कोच बन गई, पता नहीं चला। हाल ही में कैथल में हुई हरियाणा स्टेट मास्टर्स फेंसिंग चैंपियनशिप में लवली ने दो गोल्ड सहित चार पदक झटक कर साबित कर दिया कि बिटिया ने उन्हें इस खेल में वाकई दक्ष कर दिखाया।

बेटी कनुप्रिया को तलवारबाजी का बेहद शौक

लवली बताती हैं कि बेटी कनुप्रिया को तलवारबाजी के खेल का बेहद शौक है। तीन साल पहले उसने फेंसिंग सीखना शुरू किया था। हर रोज स्कूल में ट्रेनिंग को जाती। बेटी को लाने-ले जाने का जिम्मा अकसर मम्मी लवली ही उठातीं। एक दिन बेटी ने मम्मी से कहा कि वह भी उसके साथ खेलें और यहीं से यह सिलसिला शुरू हो गया। कनुप्रिया ने भी अब तक नेशनल स्कूल स्टेट में गोल्ड, अंडर-14 नेशनल में सिल्वर, अंडर-12 स्टेट में गोल्ड और अंडर20 में जिला स्तर पर ब्रांज मेडल जीते हैं।

टूर्नामेंट के दौरान बेटी ही कोच की भूमिका में थी

लवली ने बताया कि हरियाणा फेंसिंग फेडरेशन ने जब मास्टर्स प्रतियोगिता शुरू की, तो बेटी ने कहा कि मम्मी आप भी इसमें उतरो। मेरे साथ प्रैक्टिस किया करो। आप जीत सकती हो…। बेटी के साथ उसके कोच ने भी हौसला बढ़ाया तो मैं मैदान में उतर गई। 28 से 30 अक्टूबर तक कैथल में हरियाणा स्टेट फेंसिंग स्पर्धा में हिस्सा लिया। गु्रप इवेंट में दो गोल्ड और व्यक्तिगत स्पर्धा में दो सिल्वर मेडल झटक लिए। लवली यह कहते हुए भावुक हो गईं कि टूर्नामेंट के दौरान बेटी ही कोच की भूमिका में थी। जब वह प्रतियोगिता में मुकाबला कर रही थीं तब बाहर बैठी बेटी ही बता रही थी किआगे बढ़ो..। सीधे वार करो..। अब ऐसे करो…। लवली के अनुसार, चैंपियनशिप में कुल चार बाउट हुई थीं, जिनमें एक में हार का सामना करना पड़ा और तीन में जीत दर्ज की।

मास्टर्स फेंसिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने से लवली चावला का हौसला अब आसमान पर है। यही वजह है कि अब प्रोफेशनल रूप से ट्रेनिंग लेकर वह इस खेल में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। लवली की कोच वीना सैनी उनकी मदद कर रही हैं। लवली की उपलब्धि पर पिता डॉ. एके चावला, मां ऊषा, पति गुंजन चावला भी गदगद हैं। सभी कनुप्रिया और लवली, दोनों को खेल में नाम कमाते देखना चाहते हैं।

(साभार-कर्मपाल गिल)

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