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राज्यसभा में देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा, ज्यादातर सांसद रहे नदारद

नई दिल्ली।  देश की आर्थिक स्थिति पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है। लेकिन सदन में सदस्यों की संख्या बहुत ही कम है। सरकार की तरफ से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मौजूद हैं वहीं कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा, वीरप्पा मोइली, कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह मौजूद हैं। चर्चा की शुरूआत करते हुए आनंद शर्मा ने कहा भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कहा कि वह पांच साल में कृषि में 25 लाख करोड़ का निवेश करेगी यानी हर साल 5 लाख करोड़ लेकिन बजट में केवल 53,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

एसपीजी संशोधन बिल लोकसभा में पेश

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने एसपीजी संशोधन बिल पेश किया। संशोधन पेश करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मैं जो संशोधन लाया हूं उसके तहत एसपीजी सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आवास में रहने वालों के लिए ही होगी। कोई पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार जो सरकार द्वारा आवंटित आवास पर रहते हैं, उन्हें पांच साल की अवधि तक एसपीजी सुरक्षा प्राप्त होगी।

गृह मंत्री ने कहा कि एसपीजी का गठन 1985 में बनी एक कमेटी के आधार पर हुआ था। जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। 1985-88 तक एसपीजी एक अधिशासी आदेश के तहत काम करती थी। 1988 में एक कानून बना, जिसके तहत एसपीजी काम करने लगी।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, एसपीजी सुरक्षा पाने वालों को जून में कहा गया था कि उनपर खतरा बढ़ गया है। मेरा सवाल है कि जून से नवंबर के बीच ऐसा क्या हो गया कि बिना कानून में संशोधन किए एसपीजी सुरक्षा हटा दी गई।

लोकसभा ने ई सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दी

ई सिगरेट पर प्रतिबंध को युवाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के लिये महत्वपूर्ण कदम बताते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्द्धन ने बुधवार को कहा कि दुनिया की कई तंबाकू कंपनियां भारत में ई सिगरेट उत्पाद पेश कर युवाओं को लक्षित करना चाहती थीं, ऐसे में एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते हमने इस पर प्रतिबंध लगाया है।

बालाकोट में फिर से सक्रिय हो रहे आतंकवादी

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जीके रेड्डी ने राज्यसभा में बताया कि इनपुट्स के माध्यम से ऐसे संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी बालाकोट में फिर से सक्रिय होने के लिए हरसंभव कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बालाकोट में वे भारत के खिलाफ अपने जिहादी अभियानों को शुरू करने में जुटे हुए हैं। लेकिन भारत सरकार सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने के लिए जो कदम जरूरी होगा। सरकार उसे जरूर उठाएगी।

आतंकी घटनाएं ना के बराबर हुई हैं: राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाये जाने के बाद से आतंकी घटनाएं ना के बराबर हुई हैं और राज्य में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। सिंह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर में सेना, स्थानीय पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और अन्य बलों के जवान बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई कर रहे हैं।
कांग्रेस सदस्य के. सुरेश ने शून्यकाल में जम्मू कश्मीर की स्थिति को उठाया और वहां अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी आतंकी हमलों तथा उनमें लोगों के मारे जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।

इस पर जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘जहां तक देश में आतंकी वारदातों की बात है तो सब इस बात को मानेंगे कि पिछले साढ़े पांच साल में जम्मू कश्मीर को छोड़कर देश में कहीं कोई बड़ी आतंकी घटना नहीं घटी।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर में तेजी से हालात सामान्य हो रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर पर राज्यमंत्री का बयान
गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी से जब यह पूछा गया कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा कश्मीरी पंडितों और अन्य समुदायों के पुनर्वास की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीर द्वारा प्रवासियों के राहत और पुनर्वास के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि कश्मीरी प्रवासियों के लिए राज्य सरकार में तीन हजार नौकरियों का सृजन किया गया है। वहीं, छह हजार आवासों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आए 36,384 विस्थापित परिवारों के लिए सरकार ने प्रति परिवार साढ़े पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता के लिए दो हजार करोड़ रुपये वाली एक योजना को भी मंजूरी दी है।

रेड्डी ने कहा कि सितंबर 2019 में सरकार ने 5300 परिवारों में से पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के उन विस्थापित परिवारों को शामिल करने को मंजूरी दे दी, जो शुरू में जम्मू-कश्मीर से बाहर चले गए थे और बाद में जम्मू-कश्मीर में वापस आकर बस गए थे, ऐसे परिवार भी साढ़े पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता के पात्र होंगे।

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