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हाईस्पीड ट्रेन : यूपी सरकार ने पावर सब स्टेशन के फंसे पेंच पर मांगी रिपोर्ट

गाज़ियाबाद। यूपी सरकार ने हाईस्पीड ट्रेन के लिए प्रस्तावित पावर सब स्टेशन की जमीन में फंसे पेंच को लेकर नगर निगम से डिटेल रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट करीब पांच हजार वर्गमीटर जमीन के आवंटन को लेकर शुरू हुए विवाद के मामले में मांगी गई है।
 हाईस्पीड ट्रेन के लिए दिल्ली से लेकर मेरठ तक रूट तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 32 हजार करोड़ रुपया खर्च हो रहा है। पहले फेज में साहिबाबाद से लेकर मेरठ के परतापुर तक 46 किमी लंबा ट्रैक बनाया जा रहा है।
इसके लिए पावर बैकअप को गाजियाबाद में पावर सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। गत दिनों नगर निगम से आरआरटीएस की ओर से एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें साईं उपवन के पीछे ईको फ्रेंडली पार्क में करीब पांच एकड़ जमीन की डिमांड की गई थी।
इस जमीन पर ही पावर सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इस पावर सब स्टेशन से ही बैकअप मिलने के बाद हाईस्पीड ट्रेन गाजियाबाद से मेरठ तक दौड़ेगी। हालांकि मोहिउद्दीनपुर के पास एक पावर सब स्टेशन आरआरटीएस बनायेगा। ईको फ्रेंडली पार्क में प्रस्तावित पावर सब स्टेशन को और सब स्टेशन की जमीन को लेकर अब विवाद हो गया है।
हाल ही में हुई मंडलायुक्त की बैठक में भी इस समस्या को उठाया गया था। मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम की ओर से यूपी सरकार को एक पत्र लिखा गया। उसी पत्र के आधार पर यूपी सरकार ने अब हाईस्पीड ट्रेन के लिए प्रस्तावित पावर सब स्टेशन की जमीन को लेकर पैदा हुए विवाद पर डिटेल रिपोर्ट तलब की है।
नगर निगम के प्रॉपर्टी विभाग से यह डिटेल रिपोर्ट यूपी सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा तलब की गई है। दरअसल, इसी जमीन को लेकर पहले एनजीटी और हाईकोर्ट में वाद चल चुका है, जिसमें स्पष्टï किया गया था कि इस जमीन का यूज अन्य कामों के लिए नहीं किया जा सकता। इसी को लेकर अब नया पेंच फंस गया है।

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