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इंदिरापुरम में पति-पत्नी ने आठवीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, दो बच्चों के शव भी मिले

गाज़ियाबाद। इंदिरापुरम इलाके से सुबह-सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गाज़ियाबाद | ट्रांस हिंडन क्षेत्र के इंदिरापुरम में वैभव खंड के कृष्णा अपरा सफायर सोसाइटी में रहने वाले एक जींस कारोबारी ने पत्नी व अपनी महिला बिजनेस पार्टनर के साथ आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व कारोबारी ने अपने पुत्र व पुत्री की भी हत्या कर दी कर दी थी। घटना सुबह करीब 5 बजे की है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

गुलशन वासुदेव (45) अपनी पत्नी परवीन वासुदेव और दो बच्चों कृतिका (18) और रितिक (13) और संजना नाम की एक अन्य महिला के साथ कृष्णा अपरा सोसाइटी के फ्लैट संख्या 806 में रहते थे। मंगलवार सुबह सोसाइटी के गार्ड को कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। गार्ड ने मौके पर जाकर देखा तो दो महिलाएं और एक पुरुष जमीन पर पड़े हुए थे जिसके बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जींस कारोबारी गुलशन का अपने साढू से दो करोड़ रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा कारोबारी का कलकत्ता की एक फर्म से भी एक करोड़ रुपयों के लेन देन को लेकर विवाद था। गुलशन इस कदर तनाव में था कि सुसाइड नोट दीवार पर लिख रखा था। सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे परिवार की मौत के लिए मेरा साढू राकेश वर्मा जिम्मेदार है। दीवार पर बाउंस हुए चेक भी कारोबारी ने चिपका कर रखे थे। सुसाइड नोट में लिखा है कि पांचों का एक साथ दाह संस्कार किया जाए। गुलशन ने परिवार के दाह संस्कार के लिए एक लिफाफे में कुछ रुपए भी रखे हुए थे।

मूल रूप से दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी में रहने वाले गुलशन वासुदेव (45) एक डेढ़ माह पहले इंदिरापुरम के वैभव खंड की कृष्णा अपरा सफायर सोसाइटी (फ्लैट नंबर-ए-806)में किराये पर रहने आए थे। हालांकि, इससे पहले वह इंदिरापुरम की ही एटीएस सोसाइटी में रहते थे। गुलशन वासुदेव का दिल्ली की गांधी नगर मार्केट में जींस का कारोबार है।

बीती रात साढ़े ग्यारह बजे गुलशन का अपने साढू राकेश वर्मा से मोबाइल पर काफी कहासुनी हुई। एसएसपी ने उम्मीद जताई है कि इसी तनाव के चलते गुलशन वासुदेव ने पत्नी परवीन व महिला बिजनेस पार्टनर संजना ने तड़के सवा पांच बजे आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुलशन की पुत्री कृतिका (17) व ऋतिक (11) के शव कमरे में पड़े मिले। पुलिस के मुताबिक दो बच्चों की पहले गला घोंटकर हत्या की गई, उसके बाद गला चाकू से रेता गया है। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच से पता चलता है कि आर्थिक तंगी के चलते गुलशन वासुदेव ने परिवार समेत आत्महत्या की है। कमरे की दीवार पर बाउंस हुए चेक भी चिपके हुए थे।

गुलशन ने सुसाइड नोट में अपने साढू राकेश वर्मा को आत्महत्या का दोषी बताया है। राकेश वर्मा साहिबाबाद की शालीमार गार्डन कॉलोनी में रहता है। पुलिस के मुताबिक राकेश वर्मा एक बिल्डर है, उनका मृतक गुलशन वासुदेव से करीब दो करोड़ रुपए का विवाद चल रहा था। गुलशन का पुत्र ऋतिक दिल्ली के श्रेष्ठ विहार स्थित डीएवी स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ता था, जबकि पुत्री कृतिका बारहवीं करने के बाद फैंशन डिजाइन का कोर्स कर रही थी।

जांच पड़ताल से कई चीजें स्पष्ट होगी: एसएसपी

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है जांच पड़ताल में जानकारी मिली है कि गुलशन वासुदेव ने कुछ समय पहले दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी में एक प्रॉपर्टी बेची थी। प्रॉपर्टी से मिले रुपए साढू राकेश वर्मा के साथ दूसरी जगह इंवेस्ट किए थे। आरोप है कि साढू रुपए वापस देने में आनाकानी कर रहा था। इसके चलते गुलशन ने साढू राकेश वर्मा व उसकी मां के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साढू राकेश वर्मा व उसकी मां को धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेज दिया था।

एसएसपी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद रुपए वापस होने की संभावना लगभग समाप्त हो गई थी,दूसरी तरफ देनदारी लगातार बढ़ रही थी। एसएसपी ने उम्मीद जताई है कि इस देनदारी के चलते कारोबारी ने परिवार समेत आत्महत्या कर बच्चों की हत्या कर दी।

महिला बिजनेस पार्टनर ने आखिर क्यों की आत्महत्या?

गुलशन वासुदेव के साथ उनकी महिला बिजनेस पार्टनर ने आखिर आत्महत्या क्यों की। यह सवाल अधिकांश लोगों के मन में उठ रहा था। एसएसपी ने बताया कि संजना क्योंकि बिजनेस पार्टनर थी, इसलिए शायद उसके ऊपर भी देनदारी का दबाव हो सकता है।

गार्ड व मेड को कपड़े वितरित किए

गुलशन वासुदेव और उनकी पत्नी परवीन ने सोमवार दोपहर को सोसाइटी के कई गार्ड व नौकरानियों को कपड़े वितरित किए। इतना ही नहीं घर में रखी मिठाई व फल भी वितरित किए।
जबकि घर में काम करने वाली कुंती का एक तारीख को हिसाब कर काम के लिए मना कर दिया था। कुंती ने जब पूछा कि मेम साहब क्या हुआ,तो जवाब दिया गया था कि हम लोग यहां से जा रहे हैं।

 

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