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मंदी का असर – डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में भी आ सकती है कमी, 20 साल के बाद होगा पहली बार

सुस्त अर्थव्यवस्था और पिछले साल कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के बाद चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शनबीते दो दशक में पहली बार लुढ़कने का अनुमान है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह बात कहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट और इनकम टैक्स कलेक्शन बीते 20 साल में पहली बार गिरने वाला है। चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का अनुमान करीब 13.5 लाख करोड़ रुपये लगाया गया था.।

पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले यह अनुमान 17 फीसदी अधिक है। हालांकि, बीते कुछ समय में मांग और खपत में कमी की वजह से कंपनियों के कारोबार पर इसका असर पड़ा है। यही कारण रहा है कि कंपनियों ने निवेश से लेकर नौकरियों में भी कटौती किया है। इससे टैक्स कलेक्शन पर भी असर पड़ा है। 23 जनवरी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, टैक्स डिपार्टमेंट ने अभी तक 7.3 लाख करोड़ रुपये ही जुटाया जा चुका है जो कि पिछले वित्त वर्ष में सामान अवधि तक यह 5.5 फीसदी कम है।

बीते तीन साल के आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तीन तिमाहियों में कंपनियों से एडवांस टैक्स वसूल लिया जाता है. इसके बाद अंतिम तीन महीने में करीब 30 से 35 फीसदी तक ही डायरेक्ट टैक्स ही आ पाता है। रॉयटर्स को इंटरव्यू दिए वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11.5 लाख करोड़ रुपये से कम रह सकता है। वित्त वर्ष 2018-19 में यह 11.5 लाख करोड़ रुपये रहा था। अधिकारियों ने कहा, ‘टैक्स कलेक्शन का टार्गेट तो भूल जाइए, ऐसा पहली बार होगा कि हमें इसमें गिरावट देखने को मिलेगा।’ उनके अनुमान के मुताबिक, इस वित्त वर्ष के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 10 फीसदी कम रहेगा।

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