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अपने ग्रामवासियों के लिए ही मुसीबत बने प्रवासी मजदूर – देश के 550 जिले हुए कोरोना प्रभावित

कोरोना वायरस को रोकने के लिए सरकार को लॉकडाउन का चौथा चरण लागू करना पड़ा। इसके बावजूद भी कोरोना के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना के मामले एक लाख के करीब पहुंच गए हैं। वहीं, 17 मई तक के डाटा के अनुसार, भारत के 736 जिलों में से 550 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना के मामले हैं। एक मई से कई ऐसे राज्य हैं, जहां पर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा जिले कोरोना से प्रभावित हुए।

सरकार के अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही प्रवासी मजदूरों की वापसी के चलते कोरोना के मामले इन क्षेत्रों में बढ़े हैं। एक मई से केंद्र सरकार ने मजदूरों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शनिवार तक, कोरोना के कुल मामलों में से 21 फीसदी मामले ही ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आए हैं, लेकिन ये मामले बढ़ रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के केस सिंगल डिजिट में ही हैं। हालांकि, ओडिशा के गनजम में 292 और बिहार के मुंगेर में 195 मामले सामने आ चुके हैं।

बिहार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केवल 20 फीसदी श्रमिक ही वापस आए हैं और हमारे राज्य के सभी जिले कोरोना से संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि सोचिए, जब तकरीबन 50 फीसदी श्रमिक वापस आ जाएंगे तो उन्हें क्वरंटाइन में रखना कितना मुश्किल होगा। झारखंड के एक अधिकारी ने कहा कि साढ़े छह लाख रजिस्टर्ड श्रमिकों में से 80 हजार श्रमिक वापस आ चुके हैं। वहीं, ओडिशा में सात लाख श्रमिकों में से 1,10,000 मजदूरों की वापसी हुई है।

बिहार के सभी 36 जिले, ओडिशा के दो तिहाई जिले, मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 80 फीसदी जिले, झारखंड के 24 जिलों में से ज्यादातर जिले, राजस्थान के 33 और छत्तीसगढ़ के 28 में से एक-तिहाई जिलों में पहले से ही कोरोना के मरीज हैं। वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल आदि जैसे कई राज्यों में सामने आया है कि प्रवासी श्रमिक क्वरंटाइन सेंटरों से भाग जा रहे हैं। हालांकि, बाद में पुलिस की मदद से वापस भी ले आ गए।

वहीं, बिहार, झारखंड और ओडिशा के अधिकारियों ने कहा कि 18 मई से लॉकडाउन में ढील देना संभव नहीं होगा, क्योंकि आने वाले दिनों में और श्रमिकों की वापसी होने वाली है। बिहार के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार ने कहा कि हम कुछ समय तक लॉकडाउन के नियमों में छूट नहीं देने वाले हैं। इसके अलावा तमिलनाडु, हरियाणा और कर्नाटक के कई नए जिलों में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका है। तमिलनाडु के 38, हरियाणा के 22 जिलों में कोरोना के मरीज हैं।


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