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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विमानों में खाली रहेंगी बीच की सीट, विमान यात्रा हो सकती है महंगी

देश में पिछले दो महीने से चले आ रहे लॉकडाउन के बाद आज से घरेलू विमान सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया है। विमान सेवा शुरू होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कह दिया है कि अगले 10 दिनों तक एअर इंडिया की पूर्ण उड़ाने चलाई जा सकती हैं क्योंकि इनकी बुकिंग पहले से हो चुकी हैं। लेकिन इसके बाद एअर इंडिया के विमान में बीच की सीट को खाली छोड़ना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देने से अपना फैसला सुनाया है।

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट को इंटरनेशल फ्लाइट्स के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में एअर इंडिया के विमान में यात्रियों की संख्या को देखते हुए एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि विमान कंपनी सफर के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं कर रही है और हर सीट पर यात्रियों को बैठाया जा रहा है। याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एअर इंडिया को मिडिल सीट की बुकिंग न करने का आदेश दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार और एअर इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

सरकार ने अभी क्या बनाए हैं नियम
केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले और घरेलू उड़ान के लिए अलग-अलग नियम बनाए हैं। घरेलू उड़ान भरने वाले विमान में बीच की सीट बुक नहीं की जा रही है। यानी हर यात्री के बगल वाली सीट खाली होगी। ऐसा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए किया गया है। जबकि विदेशों से आने वाले विमान में ऐसा नहीं किया जा रहा है। उसमें सारी सीट को बुक किया जा रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया था कि विदेशों से आने वाले विमान में भी बीच की सीट खाली रहनी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने सरकार पर कसा तंज
मुख्य न्यायाधीश ने तंज़ करते हुए कहा कि क्या कोरोना वायरस विदेश से आने वाले विमान में संक्रमण नहीं करेगा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा क्या वायरस ये सोच कर काम करेगा कि वो घरेलू विमान में है या विदेश से आने वाले विमान में। मुख्य न्यायाधीश ने सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को याद दिलाया कि सोशल डिस्टेंसिंग सरकार के नियम के ही मुताबिक है और इससे समझौता नहीं हो सकता।

सरकार ने रखा तर्क
सरकार ने तर्क दिया कि विदेशी विमानों की कमी है और ज़्यादा से ज़्यादा पैसेंजर को भारत वापस लाना है, इसलिए सभी सीट पर बुकिंग की जा रही है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि जो टिकट बुक हुए हैं उसको कैंसल करके आने वाली उड़ानों के लिए किया जा सकता है।


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