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असम : तेल के कुएं में लगी आग के चपेट में कई गांव

असम के तिनसुकिया में ऑयल इंडिया के तेल कुएं में लगी आग अब कई गांवों में पहुंच चुकी है। जिले में ऑयल इंडिया जो कि सरकारी कंपनी है के तेल के कुएं में भीषण आग लग गई थी। राज्य के वनमंत्री परिमल सुखाबैद्य ने जानकारी दी कि असम सरकार आग पर काबू पाने की कोशिश में लगी हुई है।

कुएं में विस्फोट के बाद लगी आग को देखते हुए इलाके के हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। केंद्र सरकार की तरफ से ये भी आश्वासन दिया गया है कि स्थिति पर काबू करने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो वायुसेना की भी मदद ली जाएगी।

वनमंत्री ने ये भी कहा कि के बढ़ने के चलते 6 लोग घायल हुए हैं, वहीं आग अब बढ़ते हुए गांवों की ओर पहुंच गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस मामले पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी बातचीत की है। असम के मुख्यमंत्री ने आग की गभीरता को बताते हुए कहा कि इस भीषण आग को बुझाने की कोशिश जारी हैं, लेकिन इसको बुझाने में एक महीने से ज्यादा का वक्त लग सकता है।

14 दिनों से हो रहा था गैस का रिसाव
आपको बता दें कि तिनसुकिया में पिछले 14 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था। आग इतनी भूषण है कि कई किलोमीटर दूर से उसकी लपटें आसानी से दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री सोनोबाल ने इस हादसे में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री से मदद मांगी है।

कुएं में विस्फोट के बाद लगी आग को देखते हुए इलाके के हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। केंद्र सरकार की तरफ से ये भी आश्वासन दिया गया है कि स्थिति पर काबू करने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो वायुसेना की भी मदद ली जाएगी।

27 मई को हुआ था विस्फोट
कंपनी ने कहा, “बुधवार 27 मई को सुबह साढ़े दस बजे के करीब तिनसुकिया जिले में बागजान तेलक्षेत्र के तहत आने वाले बागजान-5 कुंऐ में अचानक से बहुत हलचल देखने को मिली। उस समय वहां गैस उत्पादन का काम चल रहा था।” कंपनी का कहना है कि कुंए में विस्फोट को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का छिड़काव किया गया। साथ ही ब्लोआउट को रोकने वाली प्रणाली को लगाया गया।

विस्फोट की वजह
मालूम हो कि तेल और गैस क्षेत्र में जब कभी कुंए के अंदर दबाव अधिक हो जाता है तो उसमें अचानक से विस्फोट होता है और कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस अनियंत्रित तरीके से बाहर आने लगती है। इसे ही ब्लोआउट कहा जाता है। जानकार बताते हैं कि यह स्थिति कुंए के अंदर दबाव बनाए रखने वाली प्रणाली के सही तरीके से काम नहीं करने के चलते बनती है।

 

साभार : www.tv9bharatvarsh.com

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