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हो सकता है एयर इंडिया का निजीकरण, उड्डयन मंत्री ने दिए संकेत

  • हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एअर इंडिया का निजीकरण जरूरी
  • वंदे भारत मिशन के तहत दो लाख 80 हजार लोग वापस लाए गए
  • कोरोना संकट की वजह से सभी एयरलाइंस को भारी नुकसान

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार ने बताया कि कोरोना संकट से पहले जितनी घरेलू उड़ानों का संचालन होता था, उसका 55 से 60 फीसद तक उड़ानें दीवाली तक होने लगेगा. केंद्रीय मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में ये जानकारी दी।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ‘वंदे भारत’ मिशन के तहत अब तक दो लाख 80 हजार लोगों को विदेशों से वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि दुबई और यूएई से बड़ी संख्या में भारतीय वापस आए हैं. जबकि अमेरिका से करीब 30 हजार लोग वापस लाए गए हैं।

वंदे भारत मिशन के तहत वापस लाए जा रहे हैं भारतीय

उन्होंने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत एयर फ्रांस एयरलाइन 18 जुलाई से एक अगस्त के बीच दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू से पेरिस के लिए 28 उड़ानों का संचालन करेगी। जबकि अमेरिकी एयरलाइंस की 18 उड़ानें 17 से 31 जुलाई के बीच भारत आएंगी. उन्होंने बताया कि इसके अलावा जर्मनी से भी बातचीत चल रही है।

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि एअर इंडिया का निजीकरण जरूरी है, और सरकार इस दिशा में काम कर रही है. मंत्री ने कहा कि विदाउट पे कर्मचारियों को लीव पर सभी एयरलाइंस कंपनियां भेज रही हैं, क्योंकि यह उनकी मजबूरी है। सरकार उस स्थिति में नहीं है कि एयरलाइंस कंपनियों को बड़ी आर्थिक मदद कर सके।

वहीं एअर इंडिया के सीएमडी राजीव बंसल ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से एयरलाइंस को भारी नुकसान हो रहा है। खर्च कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें से एक कर्मचारियों की संख्या में कटौती भी है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने कुछ कर्मचारियों के पोस्ट रिटायरमेंट पर भी विचार कर रही है।

बता दें, बुधवार का खबर आई थी कि एअर इंडिया ने कर्मचारियों की संख्या कम करने का प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत कर्मचारी बिना वेतन के लंबी छुट्टी पर जा सकते हैं। इसे लीव विदाउट पे (एलडब्ल्यूपी) कहा गया है। यह छुट्टी 6 महीने से लेकर पांच साल तक हो सकती है। कर्मचारियों को उनकी दक्षता, क्षमता, प्रदर्शन की गुणवत्ता, कर्मचारियों का स्वास्थ्य आदि के आधार पर चयन किया जाएगा कि किन्हें छुट्टी पर भेजा जाए।

भारत में ज्यादातर एयरलाइंस कंपनियों ने आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए वेतन कटौती और अन्य दूसरे उपाय अपनाए हैं।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण भारत ने 23 मार्च से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके साथ ही घरेलू विमान सेवाओं को भी बंद कर दिया गया था। लेकिन बीते 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। इस उड़ान सेवाओं के लिए कोरोना से जुड़ी डिटेल गाइडलाइंस भी जारी की गई थीं।

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