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खाद्य प्रतिष्ठानों को साप्ताहिक लॉकडाउन से हर हफ्ते दस लाख रुपये का नुकसान

हमारा गाजियाबाद ब्यूरो। साप्ताहिक लॉकडाउन के कारण रेस्टोरेंट, नमकीन, मिठाई की दुकान और बेकरी संचालकों को शनिवार-रविवार में प्रतिष्ठान बंद रखने से भारी नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन ऑफ फूड आपरेटर्स ने मुख्यमंत्री से खाद्य प्रतिष्ठानों को शनिवार-रविवार को बंदी से छूट और बदले में मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश करने की मांग की है। जिससे प्रदेश के हजारों कारोबारियों और उनके कर्मचारियों को राहत मिल सके और साप्ताहिक लॉकडाउन के कारण खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के नुकसान को रोका जा सके। कारोबारियों का कहना है कि हर हफ्ते साप्ताहिक लॉकडाउन के कारण करीब 10 लाख रुपये का माल खराब हो रहा है।
एसोसिएशन ऑफ फूड आपरेटर्स के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता के मुताबिक प्रदेश में साप्ताहिक लॉकडाउन के तहत शनिवार और रविवार को आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। इनमें खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठान जैसे रेस्तरां, बेकरी, स्वीट शॉप और नमकीन के उत्पादक एवं विक्रेता अपना काम बंद रखते हैं, लेकिन इसमें अधिकांश सामान ऐसा है जिसे दो दिन बंद रखने पर खाने के उत्पाद खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है। दूध से बने कई उत्पाद अक्सर खराब भी हो जाते हैं। गाजियाबाद में ही करीब 15 हजार छोटे-बड़े कारोबारी एवं उत्पादक हैं जबकि करीब एक लाख लोग सीधे खाद्य उत्पादों के उत्पादन, वितरण एवं बिक्री से जुड़े हुए हैं। फूड आपरेटर्स ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय को पत्र लिखकर शनिवार-रविवार की बजाय मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश की मांग की है।

फूड आपरेटर्स की यह हैं मुख्य मांग

  • खाद्य पदार्थों जैसे मिठाई, नमकीन, बेकरी उत्पादों की बिक्री लोगों की छुट्टी होने के कारण शनिवार और रविवार को होती है, लेकिन लॉकडाउन के कारण बिक्री होने की बजाय माल खराब हो रहा है।
  • शनिवार और रविवार को प्रतिष्ठान बंद होने के कारण दुकानों के ताले तोड़ने और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के सामने भी रोजगार का संकट है, क्योंकि कई प्रतिष्ठान संचालक काम बंद करने पर मजबूर हैं।
  • दूध, पनीर और मावे की आपूर्ति करने वाले छोटे कारोबारी दो दिन तक माल की आपूर्ति नहीं कर पाते जिससे उत्पाद खराब होने के मामले ज्यादा हो रहे हैं क्योंकि इन उत्पादों की शेल्फ लाइफ कम होती है।

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