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उत्तर प्रदेश ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बोले- आत्मनिर्भर बन रहा है प्रदेश, बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर

यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इंडस्ट्रियल और घरेलू फेसर्स का निरीक्षण किया। यहां ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से फोन पर विद्युत आपूर्ति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने उपभोक्ता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

नोएडा। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा (श्रीकांत शर्मा) ने गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इंडस्ट्रियल और घरेलू फीडर्स वाले उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के तहत प्रदेश में निवेश और रोजगार (रोजगार) के माहौल को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के साथ गांव और शहरों को भी निर्बह बिजली दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि उद्योगों के दौरान नि: शुल्क बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा मंत्री ने दादरी स्थित कुड़ी खेड़ा विद्युत उपकेंद्र, नोएडा एसईजेड और नोएडा के सेक्टर 16-ए फिल्म सिटी इंडस्ट्रियल फर्स वाले विद्युत उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्रियल और कोमर्सियल उपभोक्ताओं को फोन कर बिजली आपूर्ति की जानकारी ली। अधिकारियों को इज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के लिए निर्बध आपूर्ति देने, नए कनेक्शन को पेंडिंग में ना रखने और उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद से बिजली की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त, निर्बह और सस्ती बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है। साथ ही मंत्री ने विभाग को सही और समय पर बिल देने के निर्देश दिए हैं।

इस दौरे के बाग मंत्री ने कहा कि प्रदेश विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है। वर्ष 2022 तक ऊर्जा विभाग के राज्य तापीय विद्युत गंगा का उत्पादन 7,260 MW 12734 मेगावॉट हो जाएगा। इसमें से 1320 मेगावॉट विद्युत उत्पादन में वृद्धि होगी। सालगातार सर्वाधिक मांग की सकल आपूर्ति के बारे में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 सितंबर को अब तक की अधिकतम मांग 23,867 मेगावाट की आपूर्ति की गई। यह तीन साल पहले तक की गई अधिकतम आपूर्ति से लगभग 7 हजार टन अधिक है। निर्बध आपूर्ति के लिए तीन साल में प्रदेश में ट्रांसमिशन क्षमता (टीसी) 16,500 से 8000 टन से बढ़कर 24,500 बंदरगाह हो गई है।

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