ताज़ा खबर :
prev next

कोरोना के डर ने लोगों को समझा दी हेल्दी खाने की ABCD, पसंद आने लगी घर की थाली; एक्सपर्ट से समझें खानपान के वो 5 बदलाव, जो बीमारियों से दूर रखेंगे

कोरोनाकाल में काफी हद तक लोगों का खानपान बदल गया है। अब डाइट में काढ़ा भी है और विटामिन-सी बढ़ाने वाला नींबू भी। गिलोय की गोली भी ली जा रही है और सोने से पहले च्यवनप्राश भी खाया जा रहा है। इन्हीं आदतों को आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि वायरस ही नहीं बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को भी रोका जा सके और इम्यूनिटी बढ़ाई जा सके।

आज वर्ल्ड फूड डे पर एक्सपर्ट से जानिए, कोरोनाकाल में हमारे खानपान का तरीका कितना बदला और कौन सी 5 चीजें आपको हमेशा बीमारियों से दूर रखने में मदद करेंगी।

खानपान के 4 बड़े बदलाव जो कोरोनाकाल में हुए

1. केमिकल से दूरी बनी, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए फलों को डाइट में शामिल किया

क्लीनिकल न्यूट्रीशियनिस्ट डॉ. नीतिशा शर्मा कहती हैं, कोरोना ने लोगों को नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करना सिखाया। लोगों ने इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए खट्‌टे फल जैसे नींबू, मौसमी, संतरा और आंवला को खानपान का हिस्सा बनाया। प्रोसेस्ड फूड जैसे बिस्किट, रेडी-टू-ईट सूप, नूडल्स और केमिकल की मदद से प्रिजर्व किए जाने वाले खाने से दूरी बनाई।

2. ठंडा पानी पीना बंद किया, समय से खाना, सोना और उठना शुरू किया

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. किरन गुप्ता ने बताया, कोरोना ने लोगों की लाइफस्टाइल को पूरी तरह से बदला। लोगों ने समय से खाना, सोना और उठना शुरू किया। ज्यादातर लोगों ने गर्म और ताजा खाना खाया। ठंडा पानी पीना बंद किया। इसका असर गले से लेकर पेट तक हुआ। उनका खाना आसानी से पचा और सर्दी-खांसी जुकाम का खतरा भी कम हुआ। नतीजा लोगों में एनर्जी की कमी नहीं हुई।

3. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा, च्यवनप्राश और मसालों का प्रयोग बढ़ा

लोगों ने चाय की जगह काढ़ा पीना शुरू किया। हालांकि, जरूरत से ज्यादा काढ़ा पीने और मसालों के प्रयोग से पेट की समस्याएं भी हुईं लेकिन लोगों ने पीना नहीं छोड़ा। इसके अलावा इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए डाइट में मसालों का प्रयोग बढ़ा। हल्दी वाला दूध लेना शुरू किया। कुछ लोगों ने लौंग का पानी, सहजन की पत्तियों को भी डाइट का हिस्सा बनाया।

4. जंक और नॉन-वेज फूड से दूरी बनी और हेल्दी फूड

लॉकडाउन में बंदी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा जो अक्सर बर्गर, पिज्जा जैसे जंक फूड खाते हैं। कई महीनों तक लोगों को जंक फूड नहीं मिला और कुछ लोगों ने संक्रमण के डर से भी इससे दूरी बनाई। नतीजा, घर के बने खाने से उन्हें कई तरह के न्यूट्रिएंट्स मिले। इसके साथ लोग नॉन-वेज से भी दूर हुए।

अब वो 4 बदलाव जान लीजिए जो इम्युनिटी बढ़ाकर बीमारियों से बचाएंगे

एक्सपर्ट के मुताबिक, खानपान में कुछ ऐसे बदलाव करने की जरूरत है जो कोरोना से ही नहीं बल्कि दूसरी बीमारियों से भी बचाएं। यह तभी पॉसिबल है जब इम्यूनिटी को बढ़ाया जाए। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरन गुप्ता के मुताबिक, सर्दियां भी पास आ रही हैं, यह इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर मौसम माना जाता है क्योंकि इस दौरान सबसे ज्यादा वैरायटी वाली सब्जियां और फल उपलब्ध होते हैं। सर्दी में मसालों का प्रयोग भी शरीर की गर्माहट को बढ़ाने के साथ रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।

1. खाने में लाल, पीली, हरी सब्जियों और फलों को बढ़ाएं

क्लिनिकल न्यूट्रीशियनिस्ट डॉ. नीतिशा शर्मा कहती हैं, खाने में लाल, पीली और हरी सब्जियों-फलों की मात्रा को बढ़ाएं। इनमें ऐसे पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर को बीमारियों से बचाते हैं। इनमें विटामिन-ए, सी और ई अधिक पाया जाता है। जैसे, टमाटर, अनार, चुकंदर, कद्दू, पपीता, आम और हरी सब्जियों को शामिल करें।

2. सूप को डाइट का हिस्सा बनाएं, इनमें कालीमिर्च का प्रयोग करें

सूप तीन तरह से फायदा पहुंचाते हैं। पहला, सर्दियों में यह शरीर को गर्म रखते हैं। दूसरा, सब्जियों का प्रयोग अधिक होने के कारण पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं। और तीसरा, ये रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। टमाटर, अदरक, गाजर, लहसुन और पत्तागोभी जैसी सब्जियों को सूप में शामिल करें। इसमें पनीर एड कर सकते हैं। कालीमिर्च का प्रयोग करना न भूलें। गर्मी के दिनों में इसका सीमित इस्तेमाल करें।

3. एक दिन में मुट्ठीभर ड्रायफ्रूट लें

खासकर सर्दियों के दिनों दिनभर में एक बार मुट्ठीभर ड्रायफ्रूट जरूर लें। काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता शरीर को गर्म रखेंगे और इम्यूनिटी को बढ़ाएंगे। यह मेमोरी और स्किन की चमक बढ़ाने में भी मदद करते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो हार्ट डिसीज और एजिंग से भी बचाते हैं। गर्मियों में इनकी मात्रा कम कर दें।

4. काढ़ा बनाएं भी और पिएं भी लेकिन इसका तरीका पहले समझें

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरन गुप्ता कहती हैं, काढ़ा बनाते वक्त चीजों का अनुपात सही होना चाहिए। काढ़ा बनाने के लिए दालचीनी, सोंठ, तुलसी, मुनक्का, काली मिर्च का होना जरूरी है। सोंठ और काली मिर्च की तासीर गर्म होती है, इसलिए दोनों ले रहे हैं तो यह ध्यान रखें।

अगर एक भाग यानी 2-3 काली मिर्च हैं तो आधा चम्मच सोंठ लें। साथ में चार भाग तुलसी, मुनक्का लें और आधा भाग दालचीनी लें और सबको मिला लें। इसे लगभग एक गिलास पानी में डाल कर उबाल लें। इसे गुनगुना पिएं। स्वाद लाने के लिए गिलास में काढ़ा निकालने के बाद उसमें शहद और नींबू की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। इसके अलावा मौसम कोई भी हो शरीर में पानी की कमी न होने दें।
साभार-दैनिक भास्कर

हमारा न्यूज़ चैनल सबस्क्राइब करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Follow us on Facebook http://facebook.com/HamaraGhaziabad
Follow us on Twitter http://twitter.com/HamaraGhaziabad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *